विदिशा में अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को भगवान गणेश को श्रद्धा और उल्लास के साथ विदाई दी गई। दस दिनों तक घरों और पंडालों में विराजमान बप्पा की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए जानकी कुंड लाई गईं। शहर की सड़कें ‘गणपति बप्पा मोरिया… अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से गूंज उठीं। सुबह से ही श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। छोटी प्रतिमाएं श्रद्धालु पैदल लेकर पहुंचे, जबकि बड़ी प्रतिमाएं वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लाई गईं। जानकी कुंड और बेतवा घाट पर दिनभर भीड़ रही। परिवारों ने आरती और पूजा-अर्चना के बाद बप्पा को विदाई दी। रात में निकला गणेश चल समारोह रात करीब 8 बजे सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से गणेश चल समारोह निकाला गया। इसमें छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं शामिल थीं। प्रमुख मार्गों पर बनाए गए स्वागत मंचों पर समितियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। चल समारोह में युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पुलिस, एनडीआरएफ और नगर पालिका की टीमें तैनात गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। जानकी कुंड और बेतवा घाट पर पुलिस, एनडीआरएफ और नगर पालिका की टीमें तैनात रहीं। स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की मदद करते हुए सुरक्षित विसर्जन कराया। बड़ी प्रतिमाओं को क्रेन की मदद से विसर्जित किया गया। बारिश के बीच बिजली सुरक्षा के लिए भी जरूरी इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और आयोजन समितियों की व्यवस्थाओं के बीच विसर्जन और चल समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

