समस्तीपुर में कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डेंगू के भी कुछ केस सामने आए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल डेंगू का कोई मरीज एक्टिव नहीं है। सदर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में इन दिनों सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। सदर अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 400 से 450 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा डायरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को दोपहर 2 बजे तक 419 मरीज पहुंचे बुधवार को भी सदर अस्पताल की ओपीडी में दोपहर 2 बजे तक 419 मरीजों ने स्वास्थ्य जांच कराई। इनमें 155 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जबकि 100 से अधिक मरीजों ने सर्दी-खांसी की शिकायत की। बदलते मौसम के कारण निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर रखने की सलाह एमडी मेडिसिन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कभी बारिश और कभी तेज धूप होने के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वायरल फीवर में तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। इसके अलावा सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज भी लगातार ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि अब धीरे-धीरे एसी और कूलर का इस्तेमाल कम करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। गर्म और ताजा भोजन करें डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए गर्म और ताजा भोजन करें। मौसमी फलों का सेवन करें और हल्का व्यायाम करें। बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के खुद से दवा खरीदकर नहीं खानी चाहिए। सामान्य दिखने वाला बुखार भी कभी-कभी गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। समस्तीपुर में कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डेंगू के भी कुछ केस सामने आए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल डेंगू का कोई मरीज एक्टिव नहीं है। सदर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में इन दिनों सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। सदर अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 400 से 450 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा डायरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को दोपहर 2 बजे तक 419 मरीज पहुंचे बुधवार को भी सदर अस्पताल की ओपीडी में दोपहर 2 बजे तक 419 मरीजों ने स्वास्थ्य जांच कराई। इनमें 155 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जबकि 100 से अधिक मरीजों ने सर्दी-खांसी की शिकायत की। बदलते मौसम के कारण निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर रखने की सलाह एमडी मेडिसिन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कभी बारिश और कभी तेज धूप होने के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वायरल फीवर में तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। इसके अलावा सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज भी लगातार ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि अब धीरे-धीरे एसी और कूलर का इस्तेमाल कम करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। गर्म और ताजा भोजन करें डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए गर्म और ताजा भोजन करें। मौसमी फलों का सेवन करें और हल्का व्यायाम करें। बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के खुद से दवा खरीदकर नहीं खानी चाहिए। सामान्य दिखने वाला बुखार भी कभी-कभी गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

