गोपालगंज में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह तेज धूप और हल्की ठंडक के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद उमस के बीच बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बीच बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। जिले में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और नमी के कारण दोपहर में महसूस होने वाला तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। 60 फीसदी तक गरज-चमक के साथ बारिश दिन में करीब 60 प्रतिशत तक बादल गरजने, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है। गोपालगंज सदर, थावे और मांझा में दोपहर तक तेज धूप और उमस बनी रह सकती है। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच बादल छाने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हथुआ अनुमंडल में भी बदलेगा मौसम हथुआ, उचकागांव, फुलवरिया और मीरगंज क्षेत्र में भी दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में बिजली चमकने, बादल गरजने और हल्की बारिश के आसार हैं। बैकुंठपुर, बरौली और सिधवलिया में गंडक नदी के प्रभाव के कारण हवा में नमी अधिक रहने की संभावना है। दोपहर बाद यहां बादल छाने और गरज के साथ बारिश हो सकती है। यूपी सीमा से सटे इलाकों में भी बारिश कटेया, पंचदेवरी और विजयीपुर में सुबह धूप खिली रहेगी, लेकिन दोपहर बाद स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। रात होते-होते मौसम धीरे-धीरे साफ होने का अनुमान है। इसके साथ तापमान में गिरावट आएगी और हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। वायरल और जलजनित बीमारी का खतरा बारिश, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दानिश अहमद ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों को साफ या उबला हुआ पानी पीने और मच्छरों से बचाव करने की सलाह दी है। बासी खाना और खुले खाद्य पदार्थों से बचें डॉक्टर ने बासी भोजन, खुले में बिकने वाले चाट-पकौड़े और कटे हुए फलों से परहेज करने की सलाह दी है। मौसम के अनुसार शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों और ठंडी हवा से बचाव हो सकता है। बुखार या पेट खराब होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं नहीं लेने की सलाह दी गई है। लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गोपालगंज में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह तेज धूप और हल्की ठंडक के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद उमस के बीच बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बीच बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। जिले में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और नमी के कारण दोपहर में महसूस होने वाला तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। 60 फीसदी तक गरज-चमक के साथ बारिश दिन में करीब 60 प्रतिशत तक बादल गरजने, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है। गोपालगंज सदर, थावे और मांझा में दोपहर तक तेज धूप और उमस बनी रह सकती है। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच बादल छाने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हथुआ अनुमंडल में भी बदलेगा मौसम हथुआ, उचकागांव, फुलवरिया और मीरगंज क्षेत्र में भी दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में बिजली चमकने, बादल गरजने और हल्की बारिश के आसार हैं। बैकुंठपुर, बरौली और सिधवलिया में गंडक नदी के प्रभाव के कारण हवा में नमी अधिक रहने की संभावना है। दोपहर बाद यहां बादल छाने और गरज के साथ बारिश हो सकती है। यूपी सीमा से सटे इलाकों में भी बारिश कटेया, पंचदेवरी और विजयीपुर में सुबह धूप खिली रहेगी, लेकिन दोपहर बाद स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। रात होते-होते मौसम धीरे-धीरे साफ होने का अनुमान है। इसके साथ तापमान में गिरावट आएगी और हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। वायरल और जलजनित बीमारी का खतरा बारिश, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दानिश अहमद ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों को साफ या उबला हुआ पानी पीने और मच्छरों से बचाव करने की सलाह दी है। बासी खाना और खुले खाद्य पदार्थों से बचें डॉक्टर ने बासी भोजन, खुले में बिकने वाले चाट-पकौड़े और कटे हुए फलों से परहेज करने की सलाह दी है। मौसम के अनुसार शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों और ठंडी हवा से बचाव हो सकता है। बुखार या पेट खराब होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं नहीं लेने की सलाह दी गई है। लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

