अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) आरके विश्वकर्मा ने शुक्रवार को संभागीय परिवहन कार्यालय, मेरठ का निरीक्षण किया। इसके बाद कार्यालय सभागार में परिवर्तन योजना और आयु सीमा पूरी कर चुके (End-of-Life) वाहनों के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में मेरठ परिक्षेत्र के मेरठ, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के परिवहन अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान सामने आया कि चारों जिलों में अब तक 87 वाहन मालिक परिवर्तन योजना के तहत आवेदन कर चुके हैं। अपर परिवहन आयुक्त ने योजना का व्यापक प्रचार करने और पात्र वाहन मालिकों को इसके नियम व लाभ की जानकारी देने के निर्देश दिए। ट्रांसपोर्ट यूनियन और स्क्रैप सेंटर भी समीक्षा में शामिल बैठक में चारों जिलों के परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ यात्री कर अधिकारी, ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारी और अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटरों के संचालक मौजूद रहे। अपर परिवहन आयुक्त ने जिलावार योजना की प्रगति और प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से योजना को ज्यादा से ज्यादा वाहन मालिकों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी तरीके से काम करने को कहा। वाहन मालिकों से सीधे संपर्क करने के निर्देश आरके विश्वकर्मा ने परिवहन अधिकारियों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और स्क्रैपिंग सेंटर संचालकों को पात्र वाहन मालिकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों को योजना के नियम, प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ की स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने योजना के निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने और आवेदन बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा। पुराने वाहनों को अधिकृत सेंटर पर स्क्रैप कराने की सलाह बैठक में आयु सीमा पूरी कर चुके End-of-Life वाहनों पर भी चर्चा हुई। अपर परिवहन आयुक्त ने ऐसे वाहनों के मालिकों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर के माध्यम से नियमानुसार और सुरक्षित तरीके से वाहन स्क्रैप कराने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे वाहनों की पहचान और उनके निस्तारण की प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखी जाए। आरटीओ कार्यालय की व्यवस्थाएं भी जांचीं निरीक्षण के दौरान अपर परिवहन आयुक्त ने कार्यालय भवन, परिसर की साफ-सफाई और कर्मचारियों की कार्य व्यवस्था देखी। उन्होंने राजस्व और प्रवर्तन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने और कार्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से परिवर्तन योजना और End-of-Life वाहनों से जुड़े लक्ष्यों की लगातार समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

