चौसा थर्मल पावर के लंबित RG भुगतान की मांगा:बक्सर में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की राशि अटकी

चौसा थर्मल पावर के लंबित RG भुगतान की मांगा:बक्सर में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की राशि अटकी

बक्सर के चौसा थर्मल पावर प्लांट परियोजना से प्रभावित किसानों ने लंबित आरजी (RG) भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठाई है। इसको लेकर प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा ने 18 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (RR) से जुड़े प्रावधानों के तहत मिलने वाली राशि कई किसानों को अब तक नहीं मिली है। मोर्चा ने प्रशासन से सभी प्रभावित किसानों की नामवार सूची तैयार कराने और प्रत्येक मामले में भुगतान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि इससे स्पष्ट हो सकेगा कि किस किसान का भुगतान जारी हो चुका है और किसका मामला अभी लंबित है। कागजी प्रक्रिया पूरी तो तत्काल मिले राशि ज्ञापन में मांग की गई है कि जिन किसानों की कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनका भुगतान जल्द जारी किया जाए। वहीं, जिन मामलों में दस्तावेज की कमी या किसी अन्य कारण से राशि रुकी हुई है, उसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित किसान को दी जाए। लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर लगाने का दावा प्रभावित किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। किसानों के मुताबिक जमीन अधिग्रहण से उनकी खेती और रोजी-रोटी प्रभावित हुई है, ऐसे में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से मिलने वाली राशि उनके लिए महत्वपूर्ण है। दोनों यूनिट चालू, फिर भी भुगतान लंबित रामप्रवेश यादव ने बताया कि चौसा थर्मल पावर प्लांट की दोनों यूनिटें चालू हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्लांट के लिए जमीन देने वाले कई किसानों को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत मिलने वाली राशि अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने ही हक की राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हर लंबित मामले का कारण बताने की मांग रामप्रवेश यादव ने प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर यह स्पष्ट किया जाए कि किस किसान का भुगतान किस वजह से रुका हुआ है। जिन मामलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें बिना अनावश्यक देरी के राशि जारी की जाए। मोर्चा ने प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कराने की भी मांग की है। किसानों का कहना है कि आमने-सामने बैठक होने से लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। तय समय-सीमा में निपटाए जाएं मामले ज्ञापन में आरजी भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा करने के साथ सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय करने की मांग की गई है। मोर्चा ने प्रशासन से भुगतान प्रक्रिया की नियमित समीक्षा कर प्रभावित किसानों को स्थिति की जानकारी देने का आग्रह किया है। क्या है RG भुगतान? आरजी (RG) भुगतान से आशय भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (RR) से जुड़े प्रावधानों के तहत मिलने वाली निर्धारित सहायता/लाभ से है। भूमि का मुआवजा मिलने के अलावा, लागू पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रावधानों के तहत प्रभावित लोगों को अलग से सहायता या अन्य लाभ मिल सकते हैं। चौसा परियोजना के प्रभावित किसानों का दावा इसी आरजी भुगतान के लंबित रहने को लेकर है। बक्सर के चौसा थर्मल पावर प्लांट परियोजना से प्रभावित किसानों ने लंबित आरजी (RG) भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठाई है। इसको लेकर प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा ने 18 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (RR) से जुड़े प्रावधानों के तहत मिलने वाली राशि कई किसानों को अब तक नहीं मिली है। मोर्चा ने प्रशासन से सभी प्रभावित किसानों की नामवार सूची तैयार कराने और प्रत्येक मामले में भुगतान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि इससे स्पष्ट हो सकेगा कि किस किसान का भुगतान जारी हो चुका है और किसका मामला अभी लंबित है। कागजी प्रक्रिया पूरी तो तत्काल मिले राशि ज्ञापन में मांग की गई है कि जिन किसानों की कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनका भुगतान जल्द जारी किया जाए। वहीं, जिन मामलों में दस्तावेज की कमी या किसी अन्य कारण से राशि रुकी हुई है, उसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित किसान को दी जाए। लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर लगाने का दावा प्रभावित किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। किसानों के मुताबिक जमीन अधिग्रहण से उनकी खेती और रोजी-रोटी प्रभावित हुई है, ऐसे में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से मिलने वाली राशि उनके लिए महत्वपूर्ण है। दोनों यूनिट चालू, फिर भी भुगतान लंबित रामप्रवेश यादव ने बताया कि चौसा थर्मल पावर प्लांट की दोनों यूनिटें चालू हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्लांट के लिए जमीन देने वाले कई किसानों को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत मिलने वाली राशि अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने ही हक की राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हर लंबित मामले का कारण बताने की मांग रामप्रवेश यादव ने प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर यह स्पष्ट किया जाए कि किस किसान का भुगतान किस वजह से रुका हुआ है। जिन मामलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें बिना अनावश्यक देरी के राशि जारी की जाए। मोर्चा ने प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कराने की भी मांग की है। किसानों का कहना है कि आमने-सामने बैठक होने से लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। तय समय-सीमा में निपटाए जाएं मामले ज्ञापन में आरजी भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा करने के साथ सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय करने की मांग की गई है। मोर्चा ने प्रशासन से भुगतान प्रक्रिया की नियमित समीक्षा कर प्रभावित किसानों को स्थिति की जानकारी देने का आग्रह किया है। क्या है RG भुगतान? आरजी (RG) भुगतान से आशय भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (RR) से जुड़े प्रावधानों के तहत मिलने वाली निर्धारित सहायता/लाभ से है। भूमि का मुआवजा मिलने के अलावा, लागू पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रावधानों के तहत प्रभावित लोगों को अलग से सहायता या अन्य लाभ मिल सकते हैं। चौसा परियोजना के प्रभावित किसानों का दावा इसी आरजी भुगतान के लंबित रहने को लेकर है।  

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