बेटी के इलाज को पिता ने डीएम-ऑफिस के चक्कर काटे:जमा पूंजी खत्म होने पर इलाज के लिए प्रशासन से मदद मांगी

बेटी के इलाज को पिता ने डीएम-ऑफिस के चक्कर काटे:जमा पूंजी खत्म होने पर इलाज के लिए प्रशासन से मदद मांगी

रामपुर में एक पिता अपनी 19 साल की बीमार बेटी के इलाज के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है। डॉक्टरों ने बेटी की गंभीर हालत देखते हुए तुरंत बेहतर इलाज कराने को कहा है। इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ पिता ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए डीएम से मदद मांगी है। ग्राम लाड़पुर के रहने वाले चंद्रपाल ने बुधवार दोपहर 1 बजे जिलाधिकारी को एक चिट्ठी दी। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सुधा (करीब 19 साल) एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसकी हालत बहुत खराब बनी हुई है। डॉक्टरों ने तुरंत बेहतर इलाज कराने की जरूरत बताई है। परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब होने के कारण बेटी के इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। चंद्रपाल ने बताया कि बेटी के इलाज में वह अपनी सारी जमा पूंजी खर्च कर चुके हैं। अब उनके पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। ऐसे में आयुष्मान कार्ड ही उनकी बेटी के इलाज की आखिरी उम्मीद है। कार्ड बनवाने के लिए वह लगातार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि वह जिलाधिकारी कार्यालय के करीब 16 बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए बुधवार को चंद्रपाल की जिलाधिकारी से मुलाकात हुई। उन्होंने अपनी परेशानी अधिकारी को बताई और बेटी के इलाज के लिए तुरंत आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले को समझते हुए मिलक तहसील के संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। चंद्रपाल का कहना है कि बेटी की बीमारी के कारण परिवार पहले से परेशान है और इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में सरकारी सहायता मिलने में देरी से उनकी परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड जारी करने और बेटी का इलाज कराने में मदद मांगी है। अब संबंधित अधिकारी की कार्रवाई पर परिवार को उम्मीद है। पिता को उम्मीद है कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद बेटी का जरूरी इलाज कराया जा सकेगा।

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