बागपत जिला बार एसोसिएशन ने कानपुर बार एसोसिएशन के समर्थन में एक फैसला लिया है। इसके तहत, बागपत के वकील 10 और 11 सितंबर 2026 को अदालती कामकाज से दूर रहेंगे। जिला बार एसोसिएशन बागपत की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को सुबह करीब 10:15 बजे बार सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट सुभाष सिंह तोमर ने की, जबकि संचालन महामंत्री एडवोकेट अजित सिंह ने किया। बैठक में कानपुर बार एसोसिएशन और दी लॉयर्स एसोसिएशन के 29 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की गई। जिला बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से कानपुर के वकीलों की मांगों और उनके आंदोलन का समर्थन करने का फैसला लिया। इस प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और जिला न्यायालय स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों का मुद्दा शामिल है। इसके साथ ही, एडवोकेट्स एक्ट 1961 में बदलाव, वकील विरोधी फैसलों पर विचार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वकील सुरक्षा अधिनियम को जल्द लागू करने की मांग का भी समर्थन किया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, इन मांगों के समर्थन में 10 और 11 सितंबर 2026 को बागपत के वकील काम नहीं करेंगे। जिला बार एसोसिएशन ने बताया कि इन दो दिनों में वकीलों के काम न करने से अदालतों के कामकाज पर असर पड़ेगा। बैठक में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और महामंत्री परवेज आलम द्वारा कानपुर बार एसोसिएशन के पत्र के समर्थन का भी जिक्र किया गया। जिला बार एसोसिएशन बागपत ने जिले के सभी न्यायालयों से इस प्रस्ताव पर सहयोग की उम्मीद जताई है।

