छतरपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की का पीछा कर उसे परेशान करने के मामले में 22 वर्षीय धीरज रैकवार को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत 2 साल के कठोर कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता ने 26 फरवरी 2026 को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि आरोपी स्कूल और कोचिंग आते-जाते समय उसका पीछा करता था और उसे परेशान करता था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया था। पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला विशेष लोक अभियोजक नर्मदांजलि दुबे ने बताया कि पीड़िता ने 26 फरवरी 2026 को सिविल लाइन थाने में शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि धीरज रैकवार स्कूल और कोचिंग जाते समय उसका पीछा करता था और परेशान करता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 7 गवाहों के बयान, 9 दस्तावेजी सबूत पेश मामले की जांच उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर और उप निरीक्षक जनकनंदिनी पाण्डेय ने की। दोनों अधिकारियों ने पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मामला न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 7 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके अलावा 9 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य भी कोर्ट के सामने पेश किए गए। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना। 8 सितंबर को सुनाई सजा विशेष पॉक्सो अदालत ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को धीरज रैकवार को पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत दोषी ठहराते हुए 2 साल के कठोर कारावास और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

