Rahul Gandhi Raebareli Visit: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन फुल एक्शन में नजर आए। बुधवार को उन्होंने ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति’ (DISHA) की अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राहुल गांधी ने रायबरेली की बदहाल सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों की क्लास लगाई।
‘तस्वीरें दिखाकर पूछा खराब क्यों हैं सड़कें‘
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सीधे जिलाधिकारी (DM) से जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर सवाल किए। उन्होंने डीएम को गड्ढों वाली सड़कों की तस्वीरें दिखाईं और पूछा कि जिले में सड़कों की हालत इतनी खराब क्यों है और इनके रखरखाव के लिए प्रशासन क्या कदम उठा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि हाल ही में हुई बारिश की वजह से कुछ सड़कें टूट गई हैं। डीएम ने भरोसा दिलाया कि कई सड़कों की मरम्मत हो चुकी है और बाकी सड़कों की निगरानी और मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तेजी से कर रहा है।
विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की ली जानकारी
दिशा समिति की बैठक में राहुल गांधी ने रायबरेली में चल रहे तमाम विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी जरूरी काम समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। राहुल गांधी ने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
योगी के मंत्री ने बताया TRP स्टंट
राहुल गांधी की इस सक्रियता पर यूपी सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता दिनेश प्रताप सिंह ने करारा पलटवार किया है। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि हर कोई जानता है कि राहुल गांधी रायबरेली के विकास के लिए नहीं बल्कि अपनी TRP बढ़ाने आते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिशा की बैठक में दिल्ली से आए 3 लोग राहुल गांधी को पर्ची लिखकर दे रहे थे और वह उतना ही बोल पा रहे थे। मंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी को तो यह भी नहीं पता कि, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में क्या होता है? उन्हें ये अधिकारियों से पूछना पड़ा। जब उन्हें योजनाओं की जानकारी ही नहीं है तो वह विकास कार्यों की निगरानी क्या करेंगे?
विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से की थी मुलाकात
मंगलवार को रायबरेली पहुंचने के बाद से ही राहुल गांधी लगातार एक्टिव थे। उन्होंने व्यापारियों, वकीलों और फार्मासिस्टों समेत कई स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इससे पहले प्रभु टाउन में सर्राफा कारोबारियों ने सोने-चांदी पर बढ़े GST का मुद्दा उनके सामने रखा था जिसे राहुल ने संसद में उठाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से भी मिलकर उनकी परेशानियां जानीं।


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