प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 8 बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में गंगा और यमुना के जलस्तर में 37 से 38 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नैनी में यमुना 37 सेमी बढ़ी शनिवार सुबह 8 बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 80.69 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 37 सेंटीमीटर बढ़ा है। नैनी में 24 घंटे के दौरान 10 मिमी बारिश भी दर्ज की गई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.11 मीटर पहुंच गया है। यहां पिछले 24 घंटे में 38 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.34 मीटर दर्ज किया गया, जो 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर बढ़ा है। फाफामऊ और छतनाग में इस दौरान बारिश दर्ज नहीं हुई। बाढ़ के खतरे के निशान से काफी नीचे प्रयागराज में गंगा-यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर है। शनिवार सुबह के आंकड़ों के मुताबिक दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। एसटीपी बक्सी बांध पर जलस्तर 80.88 मीटर दर्ज किया गया है। यहां भी पिछले 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। सभी तटबंध सुरक्षित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं। अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अधिकारियों की नजर गंगा और यमुना के जलस्तर पर बनी हुई है। निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।

