पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी कलह और तीखी बयानबाजी के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। सेवानिवृत्त IPS अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस विधायक रजिया सुल्ताना के पति हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान मुस्तफा ने राजा वड़िंग के नेतृत्व, उनकी बुद्धिमत्ता, क्षमता और राजनीतिक निर्णय लेने की शक्ति को लेकर तीखे हमले किए थे। यह इंटरव्यू टीवी और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी प्रसारित और शेयर किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जरिए पहुंचाया तीन पेज की नोटिस राजा वड़िंग ने तीन पन्नों का यह कानूनी नोटिस 21 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील निखिल घई के माध्यम से जारी किया गया। जिसमें राजा वड़िंग के आरोप हैं कि मोहम्मद मुस्तफा ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म को दिए साक्षात्कार में उनकी बुद्धिमत्ता, क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और नेतृत्व योग्यताओं पर बेहद व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। राजा वड़िंग का कहना है कि ये टिप्पणियां किसी नीति या निर्णय की वस्तुनिष्ठ आलोचना नहीं थीं, बल्कि एक राजनीतिक नेता के रूप में उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का जानबूझकर किया गया प्रयास था। बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें मुस्तफा राजा वड़िंग के वकील ने नोटिस में लिखा कि मोहम्मद मुस्तफा तुरंत प्रभाव से ऐसी मानहानिकारक टिप्पणियां करने या उन्हें प्रसारित करने से रोकें। मुस्तफा बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और संबंधित समाचार चैनल और मीडिया प्लेटफॉर्म से उस साक्षात्कार के कंटेंट को तुरंत हटाया जाए। वहीं, नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मीडिया प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने मात्र से मोहम्मद मुस्तफा अपनी मूल टिप्पणियों के उत्तरदायित्व से मुक्त नहीं होंगे। फिलहाल इस नोटिस पर मोहम्मद मुस्तफा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

