केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखकर 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन के लिए सहयोग मांगा। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए प्रधान ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सुविधा और भलाई के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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उन्होंने पत्र में कहा कि मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में परीक्षा आयोजित करने वाले सभी जिला अधिकारियों और स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों को उम्मीदवारों की सुविधा के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित निर्देश जारी करें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सुविधाओं में सुरक्षित पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, चालू पंखे और कूलर, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, निर्बाध बिजली आपूर्ति और आवश्यकतानुसार पोर्टेबल शौचालय शामिल हो सकते हैं।
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छात्रों के कल्याण को सर्वोपरि बताते हुए प्रधान ने राज्य सरकारों से परीक्षा के दिन उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने में पूर्ण सहयोग देंगे। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) जो 3 मई को हुई थी, उसे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को रद्द कर दिया था। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है और पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित है।
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