भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्वायत्त शासन विभाग की ओर से नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता ने बुधवार सुबह जिला कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत अभियान की बैठक ली। नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार ने गुप्ता का स्वागत किया। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान विकास और स्वच्छता के नए आयाम बना रहा है। सरकार का लक्ष्य ढांचा बढ़ाना नहीं। आमजन का जीवन स्तर बेहतर करना है। स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत निकायों और ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था मजबूत की जा रही है। नगरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर भी फोकस है। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत सभी निकायों के काम की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। अधिकारियों की कार्यशैली पर फीडबैक दिया जा रहा है। लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस रहेगा। तय लक्ष्य समय पर पूरे हों, काम परिणाम आधारित हो। बैठक में सामने आया कि बाड़मेर शहर में घर-घर कचरा संग्रहण ईमानदारी से नहीं हो रहा। शहर के सिर्फ 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठ रहा है। गुप्ता ने संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को चेताया। कहा कि कल से स्थिति नहीं सुधरी तो सख्त कार्रवाई होगी। बाड़मेर नगरीय क्षेत्र में मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं हो रहा, इससे लोग परेशान हैं। नियमानुसार काम करने के निर्देश दिए। सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। जगह-जगह लाइन खोदी हुई है। प्रोजेक्ट के अधिकारी शिकायत सुनने को तैयार नहीं। गुप्ता ने निर्देश दिए कि पहले खोदी गई सड़क पूरी तरह रिपेयर होगी। उसके बाद ही नया काम शुरू होगा। तय कचरा यार्ड में वैज्ञानिक तरीके से सेग्रीगेशन नहीं हो रहा। गीला और सूखा कचरा मिक्स नहीं होना चाहिए। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता काम के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में श्रेष्ठ काम, बी में संतोषजनक काम, सी में गंभीरता नहीं। सुधार के लिए चेतावनी जरूरी, डी श्रेणी में सख्त कार्रवाई की जरूरत है। गुप्ता ने अधिकारियों को 5 बिंदुओं पर फोकस करने को कहा। जिसमें सुबह 10 बजे से पहले शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो, स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग हो, जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चले। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो। नाइट स्वीपिंग रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक हो। हर 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात की सफाई हो। रात की पारी के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हो। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षक दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। स्कूलों के शौचालयों की नियमित सफाई हो, प्लास्टिक थैली के उपयोग को इतना हतोत्साहित किया जाए कि प्लास्टिक नजर ही नहीं आए। उत्पादन और व्यापार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। खाली प्लॉट कचरे का केंद्र बन रहे हैं। मालिकों को सफाई के बाद बाउंड्री कराने के लिए पाबंद करें। नहीं करने पर निगम काम कराए। लागत का 10 गुना वसूले। राशि जमा नहीं होने पर प्लॉट सीज हो। गुप्ता ने कहा कि शहर में शत-प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए, बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो, झूले लगे हों, फव्वारे चालू रहें, निर्माण सामग्री सड़क और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस मांस की दुकानें बंद हों।


