किशनगंज में शनिवार सुबह एक आठ वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव मकई के खेत में मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मारपीट के बाद गला घोंटकर बच्ची की हत्या की गई है। घटना दिघलबैंक प्रखंड के कोढ़ोबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापुर गांव की है। मृतका की पहचान मोहम्मद शकील की बेटी सेली परवीन के रूप में हुई है। सेली परवीन पिछले दो दिनों से लापता थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। शनिवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक मकई के खेत में कुछ ग्रामीणों को बच्ची का शव पड़ा दिखाई दिया। सूचना मिलते ही उन्होंने कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया। 2 दिन पहले गला घोंटकर हत्या सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। उसका एक हाथ और जांघ टूटी हुई पाई गई। जिससे प्रतित होता है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ मारपीट हुआ है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि बच्ची की हत्या गला घोंटकर की गई। आशंका है कि जिस दिन बच्ची लापता हुई थी, उसी दिन उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया था। घटना की खबर फैलते ही दुर्गापुर गांव और आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। किशनगंज में शनिवार सुबह एक आठ वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव मकई के खेत में मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मारपीट के बाद गला घोंटकर बच्ची की हत्या की गई है। घटना दिघलबैंक प्रखंड के कोढ़ोबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापुर गांव की है। मृतका की पहचान मोहम्मद शकील की बेटी सेली परवीन के रूप में हुई है। सेली परवीन पिछले दो दिनों से लापता थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। शनिवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक मकई के खेत में कुछ ग्रामीणों को बच्ची का शव पड़ा दिखाई दिया। सूचना मिलते ही उन्होंने कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया। 2 दिन पहले गला घोंटकर हत्या सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। उसका एक हाथ और जांघ टूटी हुई पाई गई। जिससे प्रतित होता है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ मारपीट हुआ है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि बच्ची की हत्या गला घोंटकर की गई। आशंका है कि जिस दिन बच्ची लापता हुई थी, उसी दिन उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया था। घटना की खबर फैलते ही दुर्गापुर गांव और आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।


