धौलपुर। जिले के मनियां थाना क्षेत्र के गढ़ाइच गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गर्मी से राहत पाने के लिए पार्वती नदी में नहाने गए बच्चों के साथ यह हादसा हुआ, जिसमें तीन मासूमों की जान चली गई, जबकि पांच बच्चों को एक 14 वर्षीय किशोर ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के चलते गांव के करीब 8 बच्चे- सोनम, निशु, भूरा, संतोष, खिलोनी, रौनक, संध्या और ईशु नदी में नहाने के लिए गए थे। गांव से करीब 100 मीटर दूर पार्वती नदी के किनारे बच्चे मस्ती कर रहे थे। इसी दौरान खेल-खेल में कुछ बच्चे अनजाने में नदी के उस हिस्से में पहुंच गए, जहां गहराई अधिक थी और एक गड्ढा बना हुआ था। देखते ही देखते बच्चे डूबने लगे और वहां चीख-पुकार मच गई।
भैंस चरा रहे किशोर ने बचाई जान
पास ही अपनी भैंसें चरा रहे सोनम के भाई सौरभ (14) ने बच्चों की आवाज सुनी और बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। सौरभ ने बताया कि डूबते समय बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे। उसने किसी तरह पांच बच्चों को पकड़कर बाहर खींच लिया, लेकिन उसकी बहन सोनम समेत निशु और भूरा गहरे पानी में समा गए। यह दृश्य उसकी आंखों के सामने हुआ, जिसे वह चाहकर भी नहीं रोक सका।
इन तीन बच्चों की हुई मौत
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डूब रहे बच्चों को बचाने के प्रयास में सोनम, निशु और भूरा ने भी गहरे पानी में छलांग लगाई थी, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण वे खुद ही उसमें फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
शवों को निकाला गया बाहर
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मनियां थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाकर दो लड़कियों और एक लड़के को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक तीनों बच्चे गांव के राजकीय स्कूल में पढ़ते थे।
गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद पूरे गढ़ाइच गांव में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में सन्नाटा छाया हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है।


