बरेली। उर्स-ए-ताजुश्शरिया के मौके पर दरगाह आला हजरत से शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। जमात रजा-ए-मुस्तफा और आला हजरत ताजुश्शरिया सोसाइटी की ओर से 200 होनहार छात्रों को नीट और इंजीनियरिंग की मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन भी कराए जाएंगे। इस घोषणा के बाद शहर भर में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और सोसाइटी के संस्थापक फरमान हसन खान फरमान मियां ने बताया कि यह योजना खासतौर पर उन छात्रों के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। चयनित 200 छात्रों को नीट और इंजीनियरिंग की तैयारी पूरी तरह मुफ्त कराई जाएगी।
6 से 12 तक के छात्रों के लिए भी राहत
इस पहल के तहत कक्षा 6 से 12 तक के यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई के हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को भी फ्री कोचिंग दी जाएगी। पशुपति बिहार स्थित डेल्टा क्लासेज में 23 अप्रैल से 15 मई तक रजिस्ट्रेशन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। वहीं उर्स के दौरान परचम कुशाई, उलेमा-ए-इकराम की तकरीर, कॉन्फ्रेंस और कुल शरीफ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह सभी कार्यक्रम काजी-ए-हिंदुस्तान के जानशीन असजद रजा खान असजद मियां की सरपरस्ती में संपन्न होंगे। उर्स प्रभारी सलमान मियां और फरमान मियां की निगरानी में आयोजन किया जाएगा।
इल्म की रोशनी फैलाना है मिशन
फरमान मियां ने कहा कि बरेली की पहचान इल्म और शिक्षा से रही है। आला हजरत, मुफ्ती-ए-आजम और ताजुश्शरिया के मिशन को आगे बढ़ाते हुए हर साल जरूरतमंद छात्रों के लिए यह पहल की जाती है। उनका उद्देश्य है कि बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और समाज के जिम्मेदार नागरिक बनें। वहीं उर्स के मौके पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन कराने की भी व्यवस्था की गई है। इच्छुक लोग दरगाह ताजुश्शरिया और किला स्थित जमात के हेड ऑफिस में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
पहले भी मिल चुकी है सफलता
सैयद जसीम ने बताया कि पहले भी बड़ी संख्या में छात्रों को नीट, इंजीनियरिंग और यूपीएससी की तैयारी कराई गई है, जिनमें कई छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चयनित हुए हैं। इस मौके पर अब्दुल्ला रजा, शमीम अहमद, मेहंदी हसन, हाफिज अकरम, मौलाना शम्स, मौलाना इंतजार, मौलाना आरिफ, हाफिज तौसीफ, जफर बेग, सूफी अबरार नूरी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उर्स-ए-ताजुश्शरिया पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गई यह पहल सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।


