कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र से लापता तीन नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर दिल्ली से बरामद कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बच्चियों ने आत्मनिर्भर बनने की सोच के चलते घर छोड़ा था। लक्ष्मीपुर (पश्चिमी टोला) गांव की आशिया और उसकी दो सहेलियां अफ्सरा व महीरा 11 अप्रैल की सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं। लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीन विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और अन्य जिलों से समन्वय स्थापित करते हुए तलाश अभियान चलाया। जांच के दौरान छात्राओं के दिल्ली में होने की लोकेशन मिली, जिसके बाद कुशीनगर पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई में तीनों छात्राओं को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। मंगलवार को पुलिस टीम उन्हें परिजनों के साथ कुशीनगर लेकर लौटी। फिलहाल तीनों बच्चियों को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह के पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे ‘आत्मनिर्भर’ बनने की सोच के चलते घर से निकली थीं। हालांकि, पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इतनी लंबी यात्रा की योजना कैसे बनाई, खर्च के लिए पैसे कहां से आए और क्या किसी ने उन्हें मार्गदर्शन दिया। इलाके में यह भी चर्चा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से कोई गिरोह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर घर छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले इसी गांव की छह अन्य लड़कियां भी इसी तरह घर छोड़ चुकी थीं।


