अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज से आई अच्छी खबर, 16 जहाज गुजरे

अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज से आई अच्छी खबर, 16 जहाज गुजरे

US-Iran Talks: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल हो गई। इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद से अमेरिका के लिए रवाना हो गए। वहीं इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, शनिवार को इस समुद्री मार्ग से करीब 16 जहाज गुजरे। बताया जा रहा है कि युद्धविराम के बाद का अब तक यह सबसे व्यस्त दिन रहा।  

किन कारणों से नहीं बनी सहमति

बताया जा रहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), परमाणु अधिकार और कुछ अन्य बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई। 

ईरान के सरकारी चैनल IRIB ने बताया कि उनकी टीम ने देश के हितों को बचाने के लिए लगातार और गंभीर बातचीत की। उन्होंने कई प्रस्ताव भी दिए, लेकिन अमेरिका की शर्तों की वजह से कोई प्रगति नहीं हो सकी और आखिरकार बातचीत खत्म हो गई।

होर्मुज को लेकर क्या कहा गया?

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, जब तक अमेरिका उचित समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक होर्मुज की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि ईरान को बातचीत की कोई जल्दबाजी नहीं है।

फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक अमेरिका बातचीत में वही हासिल करना चाहता था जो वह युद्ध के जरिए नहीं कर सका, लेकिन ईरान ने इन बड़ी और कड़ी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि बातचीत में कोई समझौता नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई संदेश और ड्राफ्ट का आदान-प्रदान जरूर हुआ, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

अमेरिका के लिए रवाना हुए जेडी वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान से बिना किसी समझौते के लौट रही है, लेकिन उन्होंने यह संकेत भी दिया कि ईरान अभी भी अमेरिका के अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव को स्वीकार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि हमारी ईरान के साथ कई अहम मुद्दों पर ठोस बातचीत हुई—यह अच्छी बात है। लेकिन बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाए। यह ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदेह है, अमेरिका के मुकाबले। वेंस ने आगे कहा कि हम बिना किसी समझौते के अमेरिका वापस जा रहे हैं।

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