राजगीर जू सफारी में बदला गाइडिंग का अंदाज:अब कहानी और थिएटर के जरिए पर्यटक समझेंगे जंगल के राज, गाइड्स को दी गई 390 घंटे की ट्रेनिंग

राजगीर जू सफारी में बदला गाइडिंग का अंदाज:अब कहानी और थिएटर के जरिए पर्यटक समझेंगे जंगल के राज, गाइड्स को दी गई 390 घंटे की ट्रेनिंग

राजगीर जू सफारी के गाइड अब केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे प्रकृति से पर्यटकों को रिलेट करते हुए जंगल के अनुभवों से रूबरू कराएंगे। ‘द नेचुरलिस्ट स्कूल’ की ओर से आयोजित 390 घंटे का ‘सर्टिफाइड नेचर गाइड’ ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसमें सफारी के 25 गाइड्स ने भाग लिया। स्किल इंडिया क्वालिफिकेशन पैक (QP THC/Q8701) के अनुरूप तैयार की गई ये ट्रेनिंग पूरी तरह से अनुभवात्मक पद्धति पर आधारित था, जिससे प्रतिभागियों के कौशल में व्यापक सुधार आया है। कला और थियेटर बेस्ड एक्टिविटी के जरिए कम्यूनिकेशन के नए तरीके भी सीखे इस गहन प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल वनस्पति एवं जीव-जंतुओं के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाया, बल्कि प्रकृति व्याख्या, कहानी कहने की कला और थिएटर आधारित गतिविधियों के माध्यम से संवाद के नए तरीके भी सीखे। इसके साथ ही उन्हें मार्गदर्शन कौशल और प्राथमिक उपचार जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों में भी दक्ष किया गया है। राजगीर जू सफारी में आयोजित समापन समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक रामसुंदर और उप निदेशक अजय कुमार ने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। डायरेक्टर बोले- गाइड्स अब नेचर इंटरप्रेटर की भूमिका निभाएं समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि राजगीर जू सफारी में प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक आते हैं, ऐसे में गाइड्स की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ये गाइड्स अब ‘नेचर इंटरप्रेटर’ की भूमिका निभाएंगे, जो पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ेंगे, उन्हें प्रेरित करेंगे और वन्य जीवन के प्रति एक संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गाइड्स ने इस अनुभव को अपने जीवन की एक बड़ी उपलब्धि और ‘ट्रांसफॉर्मेटिव जर्नी’ बताया है। प्रतिभागियों ने साझा किया कि इस कोर्स ने उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और पर्यटकों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया है। उन्होंने कार्यक्रम निदेशक प्रकृति और संकाय सदस्य सुजीत उदयवर, अनिकेतन सी एवं विष्णुप्रिया हथवार के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘द नेचुरलिस्ट स्कूल’ भारत में प्रकृति शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है, जो युवाओं को वन्यजीव व्याख्या और टिकाऊ पर्यटन के माध्यम से प्रकृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। राजगीर जू सफारी के गाइड अब केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे प्रकृति से पर्यटकों को रिलेट करते हुए जंगल के अनुभवों से रूबरू कराएंगे। ‘द नेचुरलिस्ट स्कूल’ की ओर से आयोजित 390 घंटे का ‘सर्टिफाइड नेचर गाइड’ ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसमें सफारी के 25 गाइड्स ने भाग लिया। स्किल इंडिया क्वालिफिकेशन पैक (QP THC/Q8701) के अनुरूप तैयार की गई ये ट्रेनिंग पूरी तरह से अनुभवात्मक पद्धति पर आधारित था, जिससे प्रतिभागियों के कौशल में व्यापक सुधार आया है। कला और थियेटर बेस्ड एक्टिविटी के जरिए कम्यूनिकेशन के नए तरीके भी सीखे इस गहन प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल वनस्पति एवं जीव-जंतुओं के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाया, बल्कि प्रकृति व्याख्या, कहानी कहने की कला और थिएटर आधारित गतिविधियों के माध्यम से संवाद के नए तरीके भी सीखे। इसके साथ ही उन्हें मार्गदर्शन कौशल और प्राथमिक उपचार जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों में भी दक्ष किया गया है। राजगीर जू सफारी में आयोजित समापन समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक रामसुंदर और उप निदेशक अजय कुमार ने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। डायरेक्टर बोले- गाइड्स अब नेचर इंटरप्रेटर की भूमिका निभाएं समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि राजगीर जू सफारी में प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक आते हैं, ऐसे में गाइड्स की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ये गाइड्स अब ‘नेचर इंटरप्रेटर’ की भूमिका निभाएंगे, जो पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ेंगे, उन्हें प्रेरित करेंगे और वन्य जीवन के प्रति एक संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गाइड्स ने इस अनुभव को अपने जीवन की एक बड़ी उपलब्धि और ‘ट्रांसफॉर्मेटिव जर्नी’ बताया है। प्रतिभागियों ने साझा किया कि इस कोर्स ने उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और पर्यटकों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया है। उन्होंने कार्यक्रम निदेशक प्रकृति और संकाय सदस्य सुजीत उदयवर, अनिकेतन सी एवं विष्णुप्रिया हथवार के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘द नेचुरलिस्ट स्कूल’ भारत में प्रकृति शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है, जो युवाओं को वन्यजीव व्याख्या और टिकाऊ पर्यटन के माध्यम से प्रकृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है।  

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