ईओयू ने पूछा-आपकी नौकरानी के पास गा​​ड़ियां कैसे, गौतम बोले-मैंने तो नहीं दी

ईओयू ने पूछा-आपकी नौकरानी के पास गा​​ड़ियां कैसे, गौतम बोले-मैंने तो नहीं दी

30 सवाल किए, अधिकतर टाले किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार की गिरफ्तारी होगी। ईओयू उनके खिलाफ सभी साक्ष्य जुटा रही है। शुक्रवार को ईओयू कार्यालय में गौतम से चार घंटे तक पूछताछ की गई और 30 तीखे सवाल किए गए। वह ज्यादातर सवालों को टाल गए। पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई। टीम गौतम के ठिकानों से मिले जमीन-जायदाद, फ्लैट से लेकर अन्य चल-अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड लेकर मौजूद थी। जिन सवालों पर वह इधर-उधर की बातें करने लगे, टीम ने उनके सामने कागजात रख दिए। पूछा गया— “पूर्णिया की महिला मित्र के नाम पर खरीदे गए 7 प्लॉट और 60 लाख के गहनों का पैसा कहां से आया?” इस पर गौतम ने कहा— “वे उनके निजी निवेश हो सकते हैं, मेरा उनसे कोई वित्तीय लेन-देन नहीं।” जब महिला मित्र के नाम से जमीन के कागजात दिखाए गए, तो वह चुप हो गए। गौतम को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ईओयू अभी गिरफ्तार कर लेती है तो 90 दिनों में चार्जशीट करनी होगी अभी इस वजह से गिरफ्तारी नहीं: गौतम को ईओयू कभी भी गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। उन पर डीए (आय से अधिक संपत्ति) का केस दर्ज हो गया है और सरकार ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है। इसके बावजूद ईओयू ‘वेट एंड वॉच’ (प्रतीक्षा) की मुद्रा में है। इसकी मुख्य वजह यह है कि उनकी अन्य बेनामी संपत्तियों का पूरा विवरण अभी ईओयू को नहीं मिल सका है। अगर ईओयू अभी गिरफ्तार कर लेती है, तो उसे 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होगी। चार्जशीट के लिए सभी पुख्ता साक्ष्य जमा करना आवश्यक है। ईओयू ने एसडीपीओ से पूछे ये सवाल सवाल: पूर्णिया की महिला मित्र के नाम पर खरीदे गए 7 प्लॉट और 60 लाख के गहनों का पैसा कहां से आया? जवाब: वे उनके निजी निवेश हो सकते हैं, मेरा उनसे कोई वित्तीय लेन-देन नहीं है। सवाल: सिलीगुड़ी के चाय बागान और नोएडा-गुरुग्राम के फ्लैट्स में निवेश की जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी? जवाब: ये निवेश अभी प्रक्रिया में हैं या सहयोगियों के नाम पर हैं, इसलिए रिपोर्ट नहीं की। सवाल: आपके कॉल रिकॉर्ड्स में अलग-अलग तस्करों से जुड़े लोगों से लगातार बातचीत के क्या मायने हैं? जवाब: एक पुलिस अधिकारी के रूप में सूचना तंत्र से बात करना सामान्य प्रक्रिया है। सवाल: आपके ड्राइवर का संबंध शराब माफिया से है। क्या आपकी मिलीभगत से अवैध कारोबार चलता था? जवाब: ड्राइवर के निजी संबंधों की जानकारी मुझे नहीं है। सवाल: 26 प्लॉट के दस्तावेज आपके सरकारी आवास से क्यों बरामद हुए? जवाब: वे कागजात केवल देखरेख या कानूनी सलाह के लिए मेरे पास रखे हुए थे। सवाल: आपकी पत्नी टीचर हैं। उनके नाम पर आय से कई गुना अधिक संपत्ति कैसे अर्जित हुई? जवाब: उन्होंने ट्यूशन और अन्य वैध स्रोतों से बचत की है। सवाल: नेपाल, बिहार और बंगाल में आपकी संपत्तियों की जो सूचना मिली है, उस पर आपका क्या कहना है? जवाब: ऐसी कोई संपत्ति मेरी जानकारी में नहीं है। आरोप गलत हैं। सवाल: 1.94 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का हिसाब दें। जवाब: यह गणना गलत है। इसका ब्योरा अपने सीए के माध्यम से जमा कर दूंगा। 30 सवाल किए, अधिकतर टाले किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार की गिरफ्तारी होगी। ईओयू उनके खिलाफ सभी साक्ष्य जुटा रही है। शुक्रवार को ईओयू कार्यालय में गौतम से चार घंटे तक पूछताछ की गई और 30 तीखे सवाल किए गए। वह ज्यादातर सवालों को टाल गए। पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई। टीम गौतम के ठिकानों से मिले जमीन-जायदाद, फ्लैट से लेकर अन्य चल-अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड लेकर मौजूद थी। जिन सवालों पर वह इधर-उधर की बातें करने लगे, टीम ने उनके सामने कागजात रख दिए। पूछा गया— “पूर्णिया की महिला मित्र के नाम पर खरीदे गए 7 प्लॉट और 60 लाख के गहनों का पैसा कहां से आया?” इस पर गौतम ने कहा— “वे उनके निजी निवेश हो सकते हैं, मेरा उनसे कोई वित्तीय लेन-देन नहीं।” जब महिला मित्र के नाम से जमीन के कागजात दिखाए गए, तो वह चुप हो गए। गौतम को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ईओयू अभी गिरफ्तार कर लेती है तो 90 दिनों में चार्जशीट करनी होगी अभी इस वजह से गिरफ्तारी नहीं: गौतम को ईओयू कभी भी गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। उन पर डीए (आय से अधिक संपत्ति) का केस दर्ज हो गया है और सरकार ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है। इसके बावजूद ईओयू ‘वेट एंड वॉच’ (प्रतीक्षा) की मुद्रा में है। इसकी मुख्य वजह यह है कि उनकी अन्य बेनामी संपत्तियों का पूरा विवरण अभी ईओयू को नहीं मिल सका है। अगर ईओयू अभी गिरफ्तार कर लेती है, तो उसे 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होगी। चार्जशीट के लिए सभी पुख्ता साक्ष्य जमा करना आवश्यक है। ईओयू ने एसडीपीओ से पूछे ये सवाल सवाल: पूर्णिया की महिला मित्र के नाम पर खरीदे गए 7 प्लॉट और 60 लाख के गहनों का पैसा कहां से आया? जवाब: वे उनके निजी निवेश हो सकते हैं, मेरा उनसे कोई वित्तीय लेन-देन नहीं है। सवाल: सिलीगुड़ी के चाय बागान और नोएडा-गुरुग्राम के फ्लैट्स में निवेश की जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी? जवाब: ये निवेश अभी प्रक्रिया में हैं या सहयोगियों के नाम पर हैं, इसलिए रिपोर्ट नहीं की। सवाल: आपके कॉल रिकॉर्ड्स में अलग-अलग तस्करों से जुड़े लोगों से लगातार बातचीत के क्या मायने हैं? जवाब: एक पुलिस अधिकारी के रूप में सूचना तंत्र से बात करना सामान्य प्रक्रिया है। सवाल: आपके ड्राइवर का संबंध शराब माफिया से है। क्या आपकी मिलीभगत से अवैध कारोबार चलता था? जवाब: ड्राइवर के निजी संबंधों की जानकारी मुझे नहीं है। सवाल: 26 प्लॉट के दस्तावेज आपके सरकारी आवास से क्यों बरामद हुए? जवाब: वे कागजात केवल देखरेख या कानूनी सलाह के लिए मेरे पास रखे हुए थे। सवाल: आपकी पत्नी टीचर हैं। उनके नाम पर आय से कई गुना अधिक संपत्ति कैसे अर्जित हुई? जवाब: उन्होंने ट्यूशन और अन्य वैध स्रोतों से बचत की है। सवाल: नेपाल, बिहार और बंगाल में आपकी संपत्तियों की जो सूचना मिली है, उस पर आपका क्या कहना है? जवाब: ऐसी कोई संपत्ति मेरी जानकारी में नहीं है। आरोप गलत हैं। सवाल: 1.94 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का हिसाब दें। जवाब: यह गणना गलत है। इसका ब्योरा अपने सीए के माध्यम से जमा कर दूंगा।  

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