mRNA cancer vaccine : रूस की पहली ‘पर्सनलाइज्ड’ कैंसर वैक्सीन’ तैयार, किसे मिला पहला टीका, कब तक आने की उम्मीद

mRNA cancer vaccine : रूस की पहली ‘पर्सनलाइज्ड’ कैंसर वैक्सीन’ तैयार, किसे मिला पहला टीका, कब तक आने की उम्मीद

mRNA cancer vaccine : रूस ‘पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन’ (Personalized Cancer Vaccine) के लिए तेजी से काम कर रहा है। इसका पहला डोज एक मरीज को दिया गया है। TASS (Russia News Agency) ने बुधवार (01 अप्रैल) को अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश में विकसित पहली ‘पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन’ का पहला डोज एक मरीज को सफलतापूर्वक दे दिया गया है। इसके बारे में हम कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा से भी समझेंगे।

किसे मिला पहला पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन?

यह वैक्सीन रूस के ही एक मरीज को दी गई है। मरीज की उम्र करीब 60 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से मरीज की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह टीका एक शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल (Early-stage clinical rollout) का हिस्सा है। कुछ समय बाद अन्य मरीजों को भी इस परीक्षण में शामिल करने की योजना है।

ट्रायल के नतीजे

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले 3 महीनों में पहले मरीज पर हुए इस प्रयोग के उत्साहजनक परिणाम सामने आएंगे। इसके आधार पर आगे की तैयारी की जाएगी।

Cancer Expert : क्या है ‘पर्सनलाइज्ड’ वैक्सीन ?

डॉ. शर्मा कहते हैं, आमतौर पर कैंसर का इलाज (जैसे कीमोथेरेपी) ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ यानी सभी मरीजों पर एक जैसा होता है। लेकिन यह नई वैक्सीन हर मरीज के लिए अलग तरह से बनाई जाती है। जैसे- सबसे पहले मरीज के ट्यूमर की विशिष्ट विशेषताओं और जेनेटिक म्यूटेशन का बारीकी से अध्ययन किया जाता है। फिर उसके बाद वैक्सीन को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह मरीज की अपनी इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और केवल उन्हें ही नष्ट करने के लिए प्रशिक्षित करे।

mRNA तकनीक है खास

इसे विकसित करने में आधुनिक mRNA-बेस्ड तकनीक को यूज किया गया है, जो वही तकनीक है जिसने कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में भी मदद की थी।

कब तक करना होगा आम लोगों को इंतजार?

वैक्सीन को लेकर कैंसर मरीजों को इंतजार है। अगर आप जानना चाहते हैं कि ये कब तक मिलेगी तो फिलहाल फिर संभावना जताई जा सकती है। रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि इस वैक्सीन को साल 2026 के अंत तक देश (रूस) की अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा प्रणाली में शामिल करने का लक्ष्य है।

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