UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में आज की कैबिनेट बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 10:30 बजे लोक भवन में आयोजित होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। खासतौर पर प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए यह बैठक बड़ी राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि उनके मानदेय में लंबे समय बाद वृद्धि का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है।
शिक्षामित्रों को मिलेगी बड़ी सौगात
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के मानदेय से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। यदि इस पर कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो यह वृद्धि सीधे तौर पर लाखों परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 के बाद पहली बार शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की जा रही है। लंबे समय से शिक्षामित्र इस मांग को लेकर आंदोलन और ज्ञापन देते रहे हैं। सरकार द्वारा विधानसभा के बजट सत्र में ही इस वृद्धि की घोषणा कर दी गई थी, जिसके बाद से शिक्षामित्रों को इस फैसले के औपचारिक अनुमोदन का इंतजार था। सूत्रों के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय एक अप्रैल से लागू किया जाएगा, जिससे शिक्षामित्रों को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही लाभ मिल सकेगा।
युवाओं के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
कैबिनेट बैठक में दूसरा अहम प्रस्ताव युवाओं से जुड़ा हुआ है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत प्रदेश के करीब 40 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन देने की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस योजना के तहत टैबलेट वितरण के लिए अंतिम बिड डॉक्यूमेंट को कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा और वितरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है, खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए, जिन्हें डिजिटल संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है।
बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी जोर
कैबिनेट में परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तुत एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के बस स्टेशनों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
दूसरे चरण में बस अड्डों के आधुनिकीकरण के लिए बिड डॉक्यूमेंट को मंजूरी दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत बस स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें बेहतर प्रतीक्षालय, डिजिटल टिकटिंग सिस्टम, साफ-सफाई और व्यावसायिक सुविधाएं शामिल होंगी। सरकार का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम व आकर्षक बनाना है।
अन्य प्रस्तावों पर भी लग सकती है मुहर
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है। इनमें विभिन्न विभागों से जुड़े विकास कार्य, आधारभूत संरचना परियोजनाएं और प्रशासनिक सुधार से संबंधित प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
संभावित प्रमुख प्रस्ताव
- 1 शिक्षामित्रों को राहत: मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव।
- 2 अनुदेशकों के लिए बढ़ोतरी: मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह करने की संभावना।
- 3 रोडवेज बस स्टेशनों का विकास: पीपीपी मॉडल पर दूसरे चरण (सेकेंड फेज) के विकास के लिए बिड को मंजूरी मिल सकती है।
- 4 हाथरस में बस स्टेशन निर्माण: सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन के लिए भूमि का नि:शुल्क हस्तांतरण प्रस्ताव।
- 5 अन्य जिलों में बस अड्डों के लिए भूमि: बुलंदशहर (नरौरा), बलरामपुर (तुलसीपुर) में बस स्टेशन/डिपो हेतु भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
- 6 युवाओं के लिए टैबलेट योजना: स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 40 लाख छात्रों को टैबलेट देने का प्रस्ताव।
- 7 निवेशकों को प्रोत्साहन: औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी देने पर मुहर संभव।
- 8 राजस्व कानून में संशोधन: उत्तर प्रदेश रेवन्यू कोड 2006 की धारा 80 में संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी का प्रस्ताव।
- 9 भूमिधर अधिकार का प्रस्ताव: विभाजन विस्थापितों और CAA के पात्र परिवारों को भूमिधर अधिकार देने की योजना।
- 10 कन्नौज में पुल निर्माण: गंगा नदी पर च्यवन ऋषि आश्रम के पास पुल निर्माण की मंजूरी प्रस्तावित।
- 11 कुशीनगर में दीर्घ सेतु: नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर बड़े पुल (दीर्घ सेतु) के निर्माण का प्रस्ताव।


