पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते दुनिया भर में तेल संकट के हालात में सीमावर्ती जैसलमेर के बाघेवाला फील्ड में तेल उत्पादन में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज कर कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में राजस्थान और उसमें सीमावर्ती जैसलमेर की भूमिका को और महत्वपूर्ण बना दिया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने थार रेगिस्तान के बाघेवाला तेल क्षेत्र में उत्पादन का एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। जोधपुर सैंडस्टोन फॉर्मेशन से होने वाले तेल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार यहां दैनिक उत्पादन 705 बैरल से बढकऱ अब 1,202 बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
बाघेवाला ऑयल फील्ड में 52 कुएं
जैसलमेर के बाघेवाला ऑयल फील्ड में क्षेत्र में तेल के 52 कुएं हैं। जानकारी के अनुसार जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र में उत्पादित कच्चे तेल को टैंकरों के माध्यम गुजरात के मेहसाना स्थित ओएनजीसी की फैसिलिटी तक पहुंचाया जाता है, जहां से इसे पाइपलाइन के माध्यम से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से संचालित कोयली रिफाइनरी में भेजा जाता है। गौरतलब है कि राजस्थान बेसिन के बीकानेर-नागौर उप-बेसिन में स्थित बाघेवाला ऑयल फील्ड, भारत के कुछ गिने-चुने तटवर्ती भारी तेल क्षेत्रों में से एक है। ऑयल इंडिया ने 19 कुओं में सीएसएस संचालन पूरा कर लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 72 प्रतिशत ज्यादा है, और इस साल 13 नए कुएं खोदे हैं। ऑयल इंडिया 2017 से बाघेवाला ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का उत्पादन कर रही है। 1991 में खोजे गए और 200.26 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में वर्तमान में 52 कुएं हैं, जिनमें से 33 चालू हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑयल इंडिया के राजस्थान क्षेत्र में कच्चे तेल का वार्षिक उत्पादन 43,773 मीट्रिक टन रहा, जो पिछले वर्ष के 32,787 मीट्रिक टन से अधिक है।
न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों और किशोरों को साइबर क्राइम और कानूनी अधिकार समझाए
जैसलमेर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफोर्मिंग ट्यूजडे के अवसर पर राज्य भर के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों एवं आमजन के हितार्थ जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में साइबर सुरक्षा, किशोरों एवं युवाओं की समस्याओं, कानूनी अधिकार और समाधान पर विशेष चर्चा होती है। जिला शिक्षा कार्यालय और न्यायालयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविरों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमी पुरोहित और सचिव विजेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को मादक पदार्थों से बचाव, पोक्सो एक्ट, बालकों के कानूनी अधिकार, शिक्षा का अधिकार और किशोर न्याय कानूनों के बारे में जानकारी दी। साथ ही पूरे जैसलमेर में बाल विवाह रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है।


