गुरु चरणों में विश्वास भगवत प्राप्ति का साधन:अयोध्या में इ्ंद्रेश महाराज बोले-उनके चरणों में प्रेम. वाणी पर विश्वास से सब मंगल

गुरु चरणों में विश्वास भगवत प्राप्ति का साधन:अयोध्या में इ्ंद्रेश महाराज बोले-उनके चरणों में प्रेम. वाणी पर विश्वास से सब मंगल

अयोध्या के राम सेवक पुरम में आयोजित भागवत कथा महोत्सव में सुप्रसिद्ध कथा व्यास इंद्रेश महराज ने कहा कि गुरु चरणों में विश्वास भगवत प्राप्ति का साधन है। वैराग्य वती के चरित्र को सुनते हुए बताया कि राजा की बेटी बैराग्यवती भगवान की भक्ता थी ।एक दिन गुरु नहीं है इस चिंता में मग्न भगवान से प्रार्थना कर रही थी । एक चोर ने सुन लिया और गुरु बन के आ गया । मंत्र दीक्षा दिया और सब धन लेजाकर पेड़ से बांध दिया । वैराग्वती ने पूछा गुरु जी क्या कर रहे है। ओ बोला बेटा में जब तक लौट न आऊ खोलना नहीं कोई खोले तो भी मन कर देना खुद ठाकुर जी आयेंगे मेरी आज्ञा है। राजा खोज कर पहुंचे नहीं खोलने दिया गुरु जी आयेंगे तब खोलेंगे। एक दिन नारद जी आए पर बंधन नहीं खोल पाए। शंकर जी आए पर कोई असर नहीं पड़ा । तब सब देवता नारायण को लेकर आए पर बंधन नहीं खुला भगवान ने समझाया कि गुरु जी चोर है । घर जाओ।
वैराग्यवती बोली जिनके आदेश से सब देवता दर्शन दे रहे है आप स्वयं खड़े हो ओ गुरुदेव सच्चे है। भगवान स्वयं गुरु जी को ढूंढ कर लाए तब बंधन से मुक्त ही । गुरु चरणों में प्रेम और वाणी पर विश्वास रखो सब मंगल ही होगा। कथा में संतों का पूजन समिति ने किया

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