आकाशवाणी लखनऊ ने गुरुवार को अपनी स्थापना के 89 साल पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य ‘सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और संगीत के दिग्गजों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। समारोह की शुरुआत भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के समूह गायन से हुई। इसके बाद प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ के मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम में लखनऊ आकाशवाणी के सफर पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। सीएम योगी ने किया विभूतियों का सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ प्रसारकों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया। योगी ने कहा- आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा भारतीय सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं के संरक्षण की एक सशक्त गाथा है। विभूतियों का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है। ‘बात नगर की’ शो की हुई तारीफ कार्यक्रम में मेयर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी के विशेष कार्यक्रम ‘बात नगर की’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस शो के जरिए मेयर सीधे जनता की समस्याओं का समाधान कर रही हैं, जो कि संवाद का एक बेहतरीन उदाहरण है। फ्यूजन से लेकर भोजपुरी तक सुरों से सजी शाम समारोह के अंत में आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का धन्यवाद किया। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। शेख मोहम्मद इब्राहिम और टीम ने फ्यूजन म्यूजिक से शास्त्रीय और आधुनिक संगीत का संगम प्रस्तुत किया। डॉ. हरिओम की ग़ज़लों ने माहौल को भावुक बना दिया, जबकि संजोली पांडे ने अवधी लोक संगीत से दर्शकों को जोड़ा। वाराणसी के कलाकार मन्नू यादव और टीम ने भोजपुरी गीतों से उत्साह बढ़ाया, वहीं मथुरा की वंदनाश्री और टीम ने ब्रज लोक कला की झलक पेश की। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने सभी का आभार जताया। संचालन आत्म प्रकाश मिश्रा, सुरेंद्र राजेश्वरी और नंदनी मिश्रा ने किया।


