गयाजी में अब अफसर अलग-अलग सरकारी गाड़ियों से नहीं, बल्कि एक साथ आना-जाना करेंगे। दरअसल, जिला प्रशासन की ओर से फ्यूल की बचत को लेकर ये नया प्लान तैयार किया गया है। इस बारे में जिले के प्रभारी सचिव एसके अनिल की ओर से जिले के सभी अफसरों को जरूरी जानकारी दे दी गई है। गुरुवार को डीएम शशांक शुभंकर ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि यह व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है। डीएम ने साफ किया कि इसे प्रभावी करने में थोड़ा वक्त लगेगा। लेकिन इस प्लान को प्रभावी किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि नए प्लान का ईंधन की कमी से कोई लेना-देना नहीं है। बिना सिलेंडर के एलपीजी कंज्यूमर्स के बैंक अकाउंट में पहुंच रही सब्सिडी राशि इधर, एलपीजी गैस को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर मिले ही उनके खाते में सब्सिडी की राशि पहुंच रही है। करीब 50 ऐसे मामले डीएम के संज्ञान में आए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी गैस एजेंसियों से जवाब मांगा है। कंट्रोल रूम में लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने गैस बुकिंग नहीं की, फिर भी मोबाइल पर ओटीपी आ रहा है। खाते में सब्सिडी का मैसेज भी मिल रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि कहीं न कहीं डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी या कालाबाजारी हो रही है। डीएम बोले- मामला गंभीर, सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है गुरुवार को समाहरणालय में डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है। सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। जिन उपभोक्ताओं के साथ गड़बड़ी हुई है, उनकी लिस्ट भी एजेंसियों को दी गई है। हालांकि एजेंसियां इसे टेक्निकल एरर बता रही हैं, लेकिन प्रशासन इस दलील को अंतिम सच मानने को तैयार नहीं है। डीएम ने साफ कहा—अगर जांच में गड़बड़ी मिली तो एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। सख्त कार्रवाई तय है। फ्यूल को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन ने साफ की स्थिति ईंधन को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी प्रशासन ने स्थिति साफ की है। डीएम ने कहा कि बिहार में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें भ्रामक हैं। लोगों से अपील की गई है कि घबराएं नहीं। जिले में 7.9 लाख उपभोक्ताओं के बीच रोज 12 हजार से ज्यादा सिलेंडर की सप्लाई हो रही है। गैस के साथ-साथ खाद की कालाबाजारी पर भी प्रशासन का शिकंजा कस गया है। पिछले दो दिनों में 98 दुकानों और गोदामों पर छापेमारी हुई। एक डीलर पर एफआईआर दर्ज हुई। एक का लाइसेंस रद्द किया गया। 10 से ज्यादा डीलरों का लाइसेंस सस्पेंड हुआ है। 13 से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसएसपी बोले- अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए है। जरूरत पड़ी तो केस दर्ज किया जाएगा।
वहीं, पीएनजी गैस को बढ़ावा देने की तैयारी भी तेज है। जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन शुरू होगा, वहां एलपीजी कनेक्शन रद्द किया जाएगा। बोधगया के होटलों को भी पीएनजी अपनाना अनिवार्य किया जा रहा है। गयाजी में अब अफसर अलग-अलग सरकारी गाड़ियों से नहीं, बल्कि एक साथ आना-जाना करेंगे। दरअसल, जिला प्रशासन की ओर से फ्यूल की बचत को लेकर ये नया प्लान तैयार किया गया है। इस बारे में जिले के प्रभारी सचिव एसके अनिल की ओर से जिले के सभी अफसरों को जरूरी जानकारी दे दी गई है। गुरुवार को डीएम शशांक शुभंकर ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि यह व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है। डीएम ने साफ किया कि इसे प्रभावी करने में थोड़ा वक्त लगेगा। लेकिन इस प्लान को प्रभावी किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि नए प्लान का ईंधन की कमी से कोई लेना-देना नहीं है। बिना सिलेंडर के एलपीजी कंज्यूमर्स के बैंक अकाउंट में पहुंच रही सब्सिडी राशि इधर, एलपीजी गैस को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर मिले ही उनके खाते में सब्सिडी की राशि पहुंच रही है। करीब 50 ऐसे मामले डीएम के संज्ञान में आए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी गैस एजेंसियों से जवाब मांगा है। कंट्रोल रूम में लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने गैस बुकिंग नहीं की, फिर भी मोबाइल पर ओटीपी आ रहा है। खाते में सब्सिडी का मैसेज भी मिल रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि कहीं न कहीं डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी या कालाबाजारी हो रही है। डीएम बोले- मामला गंभीर, सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है गुरुवार को समाहरणालय में डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है। सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। जिन उपभोक्ताओं के साथ गड़बड़ी हुई है, उनकी लिस्ट भी एजेंसियों को दी गई है। हालांकि एजेंसियां इसे टेक्निकल एरर बता रही हैं, लेकिन प्रशासन इस दलील को अंतिम सच मानने को तैयार नहीं है। डीएम ने साफ कहा—अगर जांच में गड़बड़ी मिली तो एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। सख्त कार्रवाई तय है। फ्यूल को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन ने साफ की स्थिति ईंधन को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी प्रशासन ने स्थिति साफ की है। डीएम ने कहा कि बिहार में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें भ्रामक हैं। लोगों से अपील की गई है कि घबराएं नहीं। जिले में 7.9 लाख उपभोक्ताओं के बीच रोज 12 हजार से ज्यादा सिलेंडर की सप्लाई हो रही है। गैस के साथ-साथ खाद की कालाबाजारी पर भी प्रशासन का शिकंजा कस गया है। पिछले दो दिनों में 98 दुकानों और गोदामों पर छापेमारी हुई। एक डीलर पर एफआईआर दर्ज हुई। एक का लाइसेंस रद्द किया गया। 10 से ज्यादा डीलरों का लाइसेंस सस्पेंड हुआ है। 13 से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसएसपी बोले- अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए है। जरूरत पड़ी तो केस दर्ज किया जाएगा।
वहीं, पीएनजी गैस को बढ़ावा देने की तैयारी भी तेज है। जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन शुरू होगा, वहां एलपीजी कनेक्शन रद्द किया जाएगा। बोधगया के होटलों को भी पीएनजी अपनाना अनिवार्य किया जा रहा है।


