आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह से जुड़े आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले की सुनवाई शनिवार को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में टल गई। संजय सिंह के अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि राम नवमी के अवकाश के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले, 19 मार्च को भी मामले की सुनवाई गवाहों की अनुपस्थिति के कारण टल गई थी। हालांकि, 27 फरवरी को एफआईआर लेखक अजीत कुमार ने अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया था, जिस पर बचाव पक्ष के वकील ने जिरह की थी। मुकदमे के जांच अधिकारी अनूप कुमार सिंह भी अदालत में मौजूद थे, जिनकी मुख्य परीक्षा पहले ही पूरी हो चुकी है। यह मामला बंधुआकला क्षेत्र में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित है। घटना 13 अप्रैल 2021 की है, जब आरोप है कि पंचायत चुनाव के दौरान बंधुआकलां थाने के हसनपुर गांव में जिला पंचायत सदस्य सलमा बेगम के समर्थन में बिना अनुमति के एक सभा आयोजित की गई थी। पुलिस ने इस संबंध में संजय सिंह सहित 12 नामजद और 45 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद मकसूद अंसारी, सलीम अंसारी और जगदीश यादव सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। संजय सिंह के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। जुलाई 2024 में उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें 20 हजार रुपये के दो जमानत मुचलके और निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा कर दिया गया था। इससे पूर्व, जून में विशेष कोर्ट ने आरोपियों के अधिवक्ता द्वारा दायर डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर दिया था। अदालत ने आरोप पत्र स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।


