उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में शिप्रा नदी के घाटों पर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण जारी है। जिले में कुल 800 ‘आपदा मित्र’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जो सिंहस्थ 2028 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह प्रशिक्षण नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मार्गदर्शन में ‘आपदा मित्र योजना’ के तहत संचालित हो रहा है। इस योजना के तहत 11 जिलों में युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र शिप्रा नदी के घाटों के साथ-साथ होमगार्ड लाइन उज्जैन में भी आयोजित किए जा रहे हैं। ‘आपदा मित्र योजना’ का द्वितीय प्रशिक्षण सत्र 23 मार्च से 29 मार्च तक चला, जिसमें जिले भर से चयनित युवाओं ने भाग लिया। इस प्रक्रिया में उन्हीं युवाओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने ‘माय भारत ऐप’ पर पंजीकरण कराया है। सिंहस्थ के दौरान निभाएंगे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जिला सेनानी होमगार्ड अधिकारी संतोष कुमार जाट और प्लाटून कमांडर शिला चौधरी ने बताया कि ये प्रशिक्षित युवा भविष्य में विभिन्न धार्मिक आयोजनों, पर्व-त्योहारों और विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे। सात दिवसीय प्रशिक्षण में युवाओं को तैराकी, जल बचाव, बोट संचालन, बाढ़, भूकंप, आगजनी, आकाशीय बिजली और मेडिकल इमरजेंसी जैसी आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जा रहे हैं। साथ ही CSSR (Collapsed Structure Search Rescue) उपकरणों के उपयोग और ड्राई रेस्क्यू तकनीकों का भी अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में रामघाट पर नदी में नाव संचालन और रेस्क्यू का लाइव अभ्यास कराया गया। इसमें श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का समय प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें पीटी और योग भी शामिल हैं। इस सत्र में एनएसएस और एनवाईकेएस के 165 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनका चयन ‘माय भारत ऐप’ के माध्यम से हुआ था।


