मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 पन्नों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाबी पत्र लिखा। प्रधानमंत्री ने भी मुख्यमंत्री को 3 पन्नों का पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री, बिहार और बिहारियों की तारीफ की थी। खैर, नीतीश ने मोदी के लिए लिखा- ‘आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिहार के कर्मठ व प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। बिहार को केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। आप बिहार आते रहते हैं। यह बिहार के प्रति आपका विशेष लगाव है। आपने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के लोगों को परिवार की तरह अपनाया। प्रधानमंत्री के रूप में भी बिहार के प्रति आपका वही गहरा स्नेह, आदर एवं लगाव है।’ पत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा की
पत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा की। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरुनानक देव, गुरु गोविंद सिंह महाराज, मौर्य साम्राज्य, चाणक्य, आर्यभट्ट, नालंदा एवं विक्रमशिला विश्वविद्यालय से लेकर महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर तथा उनके कार्यकलापों का जिक्र है। पत्र के अनुसार, मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ देना, दलित-वंचित तबकों के बीच सकारात्मक भाव पैदा करता है। नीतीश ने अपनी सरकार के प्रमुख काम बताए।
कहा- ‘हमारी शुरू से कोशिश रही है कि बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाए। इसके गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित किया जाए। नवंबर 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए काम किया गया। 2010 में ‘बिहार दिवस’ की शुरुआत हुई। उन्होंने नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक दिनों तक ‘सरकार का प्रमुख’ रहने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 पन्नों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाबी पत्र लिखा। प्रधानमंत्री ने भी मुख्यमंत्री को 3 पन्नों का पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री, बिहार और बिहारियों की तारीफ की थी। खैर, नीतीश ने मोदी के लिए लिखा- ‘आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिहार के कर्मठ व प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। बिहार को केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। आप बिहार आते रहते हैं। यह बिहार के प्रति आपका विशेष लगाव है। आपने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के लोगों को परिवार की तरह अपनाया। प्रधानमंत्री के रूप में भी बिहार के प्रति आपका वही गहरा स्नेह, आदर एवं लगाव है।’ पत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा की
पत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा की। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरुनानक देव, गुरु गोविंद सिंह महाराज, मौर्य साम्राज्य, चाणक्य, आर्यभट्ट, नालंदा एवं विक्रमशिला विश्वविद्यालय से लेकर महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर तथा उनके कार्यकलापों का जिक्र है। पत्र के अनुसार, मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ देना, दलित-वंचित तबकों के बीच सकारात्मक भाव पैदा करता है। नीतीश ने अपनी सरकार के प्रमुख काम बताए।
कहा- ‘हमारी शुरू से कोशिश रही है कि बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाए। इसके गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित किया जाए। नवंबर 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए काम किया गया। 2010 में ‘बिहार दिवस’ की शुरुआत हुई। उन्होंने नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक दिनों तक ‘सरकार का प्रमुख’ रहने पर बधाई दी।


