पटना के सरकारी अस्पतालों में गैस संकट:10 दिन से कमर्शियल सिलेंडर नहीं, इंडक्शन पर बना रहे मरीजों-छात्रों का खाना; PMCH में वैकल्पिक व्यवस्था

पटना में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर असर पड़ने लगा है। पिछले करीब 10 दिनों से सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कई बड़े अस्पतालों के किचन और हॉस्टल मेस में भोजन बनाने में परेशानी हो रही है। इसका असर PMCH, IGIMS, NMCH और LNJP हड्डी अस्पताल जैसे प्रमुख अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर मरीजों और मेडिकल छात्रों के लिए इंडक्शन चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। इंडक्शन चूल्हों से बनाई जा रही रसोई समस्या के समाधान के लिए बुधवार देर रात पीएमसीएच और आईजीआईएमएस के मेस में इंडक्शन चूल्हे मंगाए गए। गुरुवार सुबह से मरीजों और छात्र-छात्राओं के लिए भोजन इन्हीं इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। पीएमसीएच के धनवंतरी हॉस्टल के एक मेडिकल छात्र ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने से मेस में भोजन बनाने में दिक्कत होने लगी थी। छात्रों के विरोध के बाद तत्काल इंडक्शन चूल्हों की व्यवस्था की गई, जिससे रोटी समेत अन्य भोजन तैयार किया जा सका। पीएमसीएच के डीएच-1, जीवक और चाणक्या हॉस्टल के मेस के साथ-साथ आईजीआईएमएस और एनएमसीएच के हॉस्टलों में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। रोज 2000 मरीजों के लिए बनता है खाना पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में जीविका के माध्यम से प्रतिदिन करीब 2000 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। गैस आपूर्ति में आ रही परेशानी को देखते हुए जीविका रसोई के इंचार्ज से बात कर निर्देश दिया गया है कि मरीजों को भोजन मिलने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। LNJP अस्पताल में भी असर एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने बताया कि अस्पताल में रोज 100 से अधिक मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जो आउटसोर्सिंग के जरिए ठेकेदार द्वारा बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मरीजों से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन ठेकेदार को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्स, IGIMS समेत कई अस्पतालों में सिलेंडर की कमी कमर्शियल गैस की कमी का असर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी देखने को मिल रहा है। एम्स पटना, आईजीआईएमएस, दानापुर और राजेंद्र नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई अस्पतालों में बीते चार दिनों से सिलेंडर की आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मरीजों के लिए भोजन और नाश्ता तैयार करना मुश्किल हो सकता है। IGIMS में रोजाना करीब 1500 मरीज भर्ती रहते हैं, जबकि एम्स पटना में भी लगभग 1100 से अधिक मरीज इलाजरत हैं। ऐसे में गैस संकट से किचन और कैफेटेरिया की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। पटना में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर असर पड़ने लगा है। पिछले करीब 10 दिनों से सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कई बड़े अस्पतालों के किचन और हॉस्टल मेस में भोजन बनाने में परेशानी हो रही है। इसका असर PMCH, IGIMS, NMCH और LNJP हड्डी अस्पताल जैसे प्रमुख अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर मरीजों और मेडिकल छात्रों के लिए इंडक्शन चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। इंडक्शन चूल्हों से बनाई जा रही रसोई समस्या के समाधान के लिए बुधवार देर रात पीएमसीएच और आईजीआईएमएस के मेस में इंडक्शन चूल्हे मंगाए गए। गुरुवार सुबह से मरीजों और छात्र-छात्राओं के लिए भोजन इन्हीं इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। पीएमसीएच के धनवंतरी हॉस्टल के एक मेडिकल छात्र ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने से मेस में भोजन बनाने में दिक्कत होने लगी थी। छात्रों के विरोध के बाद तत्काल इंडक्शन चूल्हों की व्यवस्था की गई, जिससे रोटी समेत अन्य भोजन तैयार किया जा सका। पीएमसीएच के डीएच-1, जीवक और चाणक्या हॉस्टल के मेस के साथ-साथ आईजीआईएमएस और एनएमसीएच के हॉस्टलों में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। रोज 2000 मरीजों के लिए बनता है खाना पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में जीविका के माध्यम से प्रतिदिन करीब 2000 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। गैस आपूर्ति में आ रही परेशानी को देखते हुए जीविका रसोई के इंचार्ज से बात कर निर्देश दिया गया है कि मरीजों को भोजन मिलने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। LNJP अस्पताल में भी असर एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने बताया कि अस्पताल में रोज 100 से अधिक मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जो आउटसोर्सिंग के जरिए ठेकेदार द्वारा बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मरीजों से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन ठेकेदार को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्स, IGIMS समेत कई अस्पतालों में सिलेंडर की कमी कमर्शियल गैस की कमी का असर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी देखने को मिल रहा है। एम्स पटना, आईजीआईएमएस, दानापुर और राजेंद्र नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई अस्पतालों में बीते चार दिनों से सिलेंडर की आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मरीजों के लिए भोजन और नाश्ता तैयार करना मुश्किल हो सकता है। IGIMS में रोजाना करीब 1500 मरीज भर्ती रहते हैं, जबकि एम्स पटना में भी लगभग 1100 से अधिक मरीज इलाजरत हैं। ऐसे में गैस संकट से किचन और कैफेटेरिया की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।  

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