पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर आज काउंटिंग होगी। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी। फालता में 21 मई को दोबारा मतदान हुआ था। रिपोलिंग में करीब 2% वोटिंग बढ़ गई। चुनाव आयोग के मुताबिक यहां 88.13% मतदान हुआ। वहीं 29 अप्रैल को इस सीट पर 86.71% मतदान हुआ था। फालता में मुख्य मुकाबला TMC और भाजपा के बीच है। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान मौखिक रूप से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का एलान कर चुके हैं। हालांकि उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं है। EVM में उनका नाम और सिंबल मौजूद रहा। फालता में दोबारा पोलिंग क्यों हुई, क्या आरोप लगे थे 29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उस दिन कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि EVM पर भाजपा के सिंबल पर टेप चिपकाया गया। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने खुद निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और जांच-पड़ताल की। कम से कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के सबूत मिले। EVM में कथित हेरफेर के अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की गई थीं। फालता में 2021 में टीएमसी उम्मीदवार करीब 40 हजार वोटों से जीते थे फालता में आज तक भाजपा नहीं जीती, तीन बार से TMC का कब्जा फालता विधानसभा सीट पहले CPI(M) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन अब यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र बन चुकी है। TMC ने पहली बार 2001 में यह सीट जीती थी। 2006 में CPI(M) ने वापसी की, लेकिन 2011 के बाद से TMC लगातार यहां जीत दर्ज कर रही है। खास बात यह है कि बीजेपी अब तक इस सीट पर कभी जीत नहीं सकी। साउथ 24 परगना जिले में भाजपा 10 सीटें जीतीं, फालता इसी जिले में फालत साउथ 24 परगना जिले के अंतर्गत आता है। जिले में कुल 31 सीटे हैं। फालता को छोड़कर बाकी 30 सीटों में बीजेपी ने 10 सीटें जीत लीं। सागर, काकद्वीप, गोसाबा और सोनारपुर के साथ जादवपुर, टॉलीगंज, बेहला पूर्व-पश्चिम जैसे शहरी इलाकों में भी बीजेपी ने पहली बार जीत दर्ज की। हालांकि बासंती, कुलतली, रायदीघी और बजबज जैसी सीटों पर TMC अपनी पकड़ बचाने में सफल रही। इस बार कुल 6 उम्मीदवार मैदान में, TMC कैंडिडेट पीछे हटे फालता विधानसभा सीट पर इस बार कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और TMC के बीच है। हालांकि दोबारा वोटिंग से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने 18 मई को चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। EVM पर जहांगीर ही रहे TMC उम्मीदवार, 3 सवाल-जवाब में जानिए चुनावी पेंच 1. जहांगीर ही रहे टीएमसी उम्मीदवार, उन्हीं को वोट पड़े फालता में नॉमिनेशन और नाम वापस लेने की समय सीमा खत्म हो चुकी है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान ने भले ही अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी हो, लेकिन आधिकारिक तौर पर चुनाव से नाम वापस लेना संभव नहीं है। ऐसे में वे अब भी TMC के उम्मीदवार कहलाएंगे। 2. EVM से TMC सिंबल और जहांगीर का नाम नहीं हटा EVM में पार्टी और उम्मीदवार के नाम और सिंबल में कोई बदलाव नहीं किया गा। नियमों के अनुसार, EVM पर TMC के चुनाव चिन्ह के साथ जहांगीर खान की फोटो और उनका ही नाम रहा। हालांकि, जहांगीर खान या किसी अन्य TMC कार्यकर्ता ने मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। जहांगीर खान वोटिंग वाले दिन घर से गायब रहे। 3. क्या जहांगीर ज्यादा वोट मिलने पर जीत का दावा कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्विनी दुबे के अनुसार, इस पर चुनाव आयोग को ही फाइनल संज्ञान लेना होगा। अगर आयोग जहांगीर का लिखित आवेदन स्वीकार कर लेता है तो TMC के चुनाव चिन्ह पर वोट भले ही ज्यादा पड़े लेकिन वह मान्य नहीं होगा। अगर जहांगीर ने सिर्फ मौखिक तौर पर अपना नाम वापस लिया है और आयोग ने भी उनकी उम्मीदवारी पर संज्ञान नहीं लिया तो ज्यादा मतदान मिलने पर जहांगीर जीत का दावा भी कर सकते हैं। बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म बंगाल में 15 साल बाद ममता सरकार का राज खत्म हुआ है। भाजपा ने 293 सीटों पर आए नतीजों में 207 सीटें जीतीं। वहीं टीएमसी को सिर्फ 80 सीटें मिलीं। अगर भाजपा फालता में जीत जाती है तो उनकी सीटों की संख्या 208 हो जाएगा।
बंगाल के फालता में आज काउंटिंग:रिपोलिंग में 88% वोटिंग हुई थी; TMC कैंडिडेट पीछे हटे लेकिन पार्टी सिंबल पर वोट पड़े


