68,500 शिक्षक भर्ती पर बड़ी बैठक, OBC अभ्यर्थियों को संशोधित परिणाम और नियुक्ति की उम्मीद जगी

68,500 शिक्षक भर्ती पर बड़ी बैठक, OBC अभ्यर्थियों को संशोधित परिणाम और नियुक्ति की उम्मीद जगी

 68500 Shikshak Bharti: उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी मामले में राजधानी लखनऊ में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी, बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। बैठक में लंबे समय से लंबित ओबीसी आरक्षण के मुद्दे, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति, संशोधित परिणाम और पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
अभ्यर्थियों की ओर से बैठक में मुख्य रूप से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश और संस्तुति के अनुपालन का मुद्दा उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि आयोग की संस्तुति के अनुसार ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी में रखते हुए 150 पूर्णांक में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत को अर्हता अंक माना जाए। इसके आधार पर भर्ती का संशोधित परिणाम जारी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। साथ ही आरक्षण व्यवस्था में हुई कथित विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी रखी गई।

सात साल पुरानी भर्ती का मुद्दा फिर गरमाया

68,500 सहायक शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। इस भर्ती को करीब सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण कुछ अभ्यर्थी आज भी अपने अधिकार और नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हाल के महीनों में यह मुद्दा फिर तेजी से सामने आया है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने जून 2026 की बैठक में वर्ष 2022 की अपनी संस्तुति को बरकरार रखते हुए ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता छूट दिए जाने की बात कही थी। आयोग ने 150 में 60 अंक प्राप्त करने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानते हुए संशोधित परिणाम जारी करने की संस्तुति की थी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की संस्तुति के बावजूद अभी तक उसका प्रभावी अनुपालन नहीं हो सका है। इसी को लेकर वे लगातार सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एक सितंबर को भी अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर आयोग की संस्तुति लागू करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की थी।

NCTE गाइडलाइन और आरक्षण नियमों पर हुई चर्चा

बैठक में केवल परीक्षा परिणाम का मुद्दा ही नहीं, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों और कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों के सामने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE की गाइडलाइन, उत्तर प्रदेश की आरक्षण नियमावली, बेसिक शिक्षा विभाग के नियम और भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनाई गई व्यवस्था से संबंधित तथ्य रखे गए।

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अभ्यर्थियों की मांग, जल्द जारी हो संशोधित परिणाम (फोटो सोर्स :   Ritesh Singh )

अभ्यर्थियों का तर्क है कि ओबीसी वर्ग के लिए निर्धारित अर्हता में पांच प्रतिशत छूट का प्रावधान लागू किया जाना चाहिए था। उनके मुताबिक यदि 150 अंकों की परीक्षा में आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत यानी 60 अंक को अर्हता माना जाता, तो कई ऐसे अभ्यर्थी भी पात्र हो सकते थे जो मौजूदा परिणाम में बाहर हो गए। इसी आधार पर वे परिणाम संशोधित करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव ने भी रखी प्रक्रिया की स्थिति

बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन की ओर से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अधिकारियों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के सामने स्थिति स्पष्ट की गई। बैठक में यह बात सामने आई कि ओबीसी वर्ग को पांच प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए थी और उसे आरक्षित श्रेणी में रखा जाना चाहिए था।

हालांकि, यह व्यवस्था भर्ती के विज्ञापन और प्रक्रिया के समय लागू नहीं हो सकी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्तियां भी की जा चुकी हैं। अब चूंकि इस प्रक्रिया को कई वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित संशोधन को लेकर उच्च स्तर पर निर्णय आवश्यक माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे संदीप सिंह

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने पूरे मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखने और उनसे वार्ता करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों की ओर से भी यह संकेत दिया गया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुपालन, संशोधित परिणाम और नियुक्ति जैसे मुद्दों पर अब उच्च स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है।

अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से अनुरोध किया कि मामले को जल्द मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाए, ताकि वर्षों से नियुक्ति और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभागीय स्तर पर अपनी मांग रखते आए हैं और अब उन्हें ठोस निर्णय की उम्मीद है।

ईको गार्डन में दसवें दिन भी आंदोलन

बैठक के समानांतर लखनऊ के ईको गार्डन में 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका धरना दसवें दिन भी जारी है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल नौकरी पाने का सवाल नहीं है, बल्कि आरक्षण के नियमों और समान अवसर के अधिकार से जुड़ा मामला है। उनका कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति सामने आने के बाद अब सरकार को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। इससे पहले भी अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया था। उस दौरान उन्होंने 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई थी।

अभ्यर्थियों की मांग, जल्द जारी हो संशोधित परिणाम

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर जो स्थिति बनी, उसका खामियाजा उन्हें वर्षों से भुगतना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति को आधार बनाकर पात्र ओबीसी अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जाए और संशोधित परिणाम जारी किया जाए। उनका यह भी कहना है कि संशोधित परिणाम जारी होने के बाद जो अभ्यर्थी निर्धारित मानकों के तहत पात्र पाए जाएं, उन्हें नियमानुसार नियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में कथित आरक्षण विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

बैठक के बाद अब 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की नजर मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाली वार्ता और उसके बाद लिए जाने वाले निर्णय पर है। बेसिक शिक्षा मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री से बात करने के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित इस विवाद का कोई रास्ता निकलेगा। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता छूट देने और 150 में 60 अंक को उत्तीर्ण मानने की बात कही गई है। आयोग ने संशोधित परिणाम और पात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने की भी संस्तुति की थी।

‘आदेश का अनुपालन होने तक संघर्ष जारी’

बैठक में अभ्यर्थी प्रतिनिधिमंडल की ओर से साफ कहा गया कि जब तक आयोग की संस्तुति के अनुरूप कार्रवाई नहीं होती, संशोधित परिणाम जारी नहीं होता और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, शिव वीर सिंह और नसीम फरीदी समेत अन्य प्रतिनिधियों ने बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों को सामने रखा। अब मुख्यमंत्री से होने वाली वार्ता को इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्षों से लंबित 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण विवाद में सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं।

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