मध्यप्रदेश में शासकीय कर्मचारियों से जुड़े कामकाज को और आसान, और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक की सेवा से जुड़ी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करने की तैयारी है। इसके लिए सभी विभागों में ई-एचआरएमएस (e-HRMS) और विभागीय जांच मामलों के प्रबंधन के लिए डीई पोर्टल को अपनाया जाएगा। इन दोनों पोर्टलों कीव्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों से जुड़े कई कामों के लिए फाइलों और कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। खासतौर पर कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर रिटायरमेंट तक सेवा रिकॉर्ड, अवकाश, वेतन, जीपीएफ, पदोन्नति, तबादले और विभागीय जांच की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पोर्टल आईएफएमआईएस, स्पैरो (IFMIS-SPARROW) समेत अन्य कर्मचारी संबंधी डिजिटल प्लेटफॉर्म से एकीकृत होंगे। इससे अलग-अलग सिस्टम में दर्ज जानकारी को एक साथ उपयोग करने में आसानी होगी। डिजिटल प्रोफाइल में मिलेगी कर्मचारी की पूरी जानकारी ई-एचआरएमएस के जरिये हर अधिकारी और कर्मचारी की सेवा से जुड़ी जानकारी एक डिजिटल प्रोफाइल में उपलब्ध होगी। इसमें सेवा-वृत्त, वेतन पर्ची, जीपीएफ की शेष राशि, अवकाश विवरण और अन्य सेवा संबंधी रिकॉर्ड शामिल होंगे। यानी कर्मचारी को अपनी जरूरी जानकारी के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों या शाखाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। छुट्टी से लेकर तबादले तक ऑनलाइन होंगे कई काम अवकाश, शासकीय भ्रमण और विभिन्न सेवा संबंधी अनुमतियों के मामलों का ऑनलाइन निपटारा होने से प्रक्रिया में लगने वाला समय और कार्यालयीन काम का बोझ कम होगा। पदोन्नति, परिवीक्षा अवधि, सेवा की पुष्टि और अन्य स्थापना संबंधी मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निपटाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानांतरण, पदस्थापना और कैडर प्रबंधन से जुड़े काम भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से किए जा सकेंगे। विभागीय जांच की हर स्टेज पर नजर डीई पोर्टल के जरिए विभागीय जांच मामलों को भी ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। जांच प्रकरण दर्ज होने से लेकर अंतिम निर्णय तक उसकी स्थिति की निगरानी ऑनलाइन संभव होगी। इससे लंबित मामलों की जानकारी हासिल करना और उनकी प्रगति पर नजर रखना आसान होगा। एसीआर-एपीएआर की प्रक्रिया भी होगी व्यवस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के एसीआर, एपीएआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) के प्रबंधन और निगरानी की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से बेहतर बनाया जाएगा। इससे रिपोर्ट तैयार करने और उसके मॉनिटरिंग की व्यवस्था अधिक आसान होगी 30 सितंबर तक सभी विभागों में लागू करने की तैयारी सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों और उनके अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों में इन पोर्टलों की व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभागवार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और पोर्टलों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, कागजी प्रक्रिया घटेगी और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा।
जीएडी अफसरों की अध्यक्षता में कमेटी का गठन ई-एचआरएमएस एवं डीई पोर्टल के विभिन्न मॉडयूलों के परीक्षण, चरणबद्ध क्रियान्वयन तथा आवश्यकतानुसार मानव संसाधन प्रबंधन, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन एवं विभागीय जांच संबंधी विद्यमान नियमों, प्रक्रियाओं में संशोधन के संबंध में अनुशंसा के लिए राज्य शासन ने उप सचिव, सामान्य प्रशासन अंकित अस्थाना की अध्यक्षता में समिति गठित की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय सुधीर कोचर, प्रमुख, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) एमपीएसईडीसी को सदस्य बनाया गया है। अवर सचिव, सामान्य प्रशासन सचिन्द्र राव को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।

