गोरखपुर की जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि लगातार दूसरी बार मिली है, जिससे जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है। गुरुवार को CMO डॉ. राजेश झा ने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में यह जानकारी दी और सभी को बधाई दी। CMO डॉ. झा ने कहा कि यह सफलता सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मिलकर किए गए काम का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत की जा रही है। इसी का परिणाम है कि गोरखपुर फिर से प्रदेश में नंबर-1 बना है। उन्होंने सभी से आगे भी इसी तरह लगन और जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा। कैसे तय होती है रैंकिंग? CMO ने बताया कि डीएचएस की रैंकिंग प्रदेशभर में कई मानकों के आधार पर की जाती है। इसमें शासकीय बैठकों का सही तरीके से आयोजन, टीकाकरण से जुड़ी बैठकों का संचालन और जिला ऑडिट कमेटी के काम को देखा जाता है। इन सभी बिंदुओं पर अच्छा प्रदर्शन करने की वजह से गोरखपुर को वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहला स्थान मिला है। इससे पहले 2024-25 में भी जिला पहले नंबर पर था। बांसगांव ब्लॉक की सफलता में योगदान बैठक में यह भी बताया गया कि नीति आयोग की रैंकिंग में बांसगांव ब्लॉक के टॉप करने में स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर काम की वजह से ही ब्लॉक को यह सफलता मिली। CMO ने कहा कि सभी ब्लॉकों को इसी तरह काम करना है ताकि पूरे जिले की रैंकिंग आगे भी बेहतर बनी रहे। आगे की योजना और निर्देश CMO डॉ. झा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को और बेहतर तरीके से लागू किया जाए। हेल्थ डैशबोर्ड पर भी जिले की स्थिति मजबूत बनी रहे, इसके लिए लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब चुनौती केवल नंबर-1 बनना नहीं, बल्कि इस स्थान को बनाए रखना है। इस बैठक में ACMO डॉ. नंदलाल कुशवाहा, डॉ. एनके द्विवेदी, डिप्टी CMO डॉ. अनिल सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डीएमओ अंगद सिंह समेत कई अन्य अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई और आगे भी बेहतर काम करने का संकल्प लिया।


