राठौड़ बोले-गहलोत ने वोट खरीदे, बदले में मंत्री पद दिया:कांग्रेस पहले अपने राजनीतिक फैसलों का रिकॉर्ड देखे; दो बार बसपा के हाथी को डकार गए

राठौड़ बोले-गहलोत ने वोट खरीदे, बदले में मंत्री पद दिया:कांग्रेस पहले अपने राजनीतिक फैसलों का रिकॉर्ड देखे; दो बार बसपा के हाथी को डकार गए

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में दर्शन के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस की ओर से एसआईआर, चुनाव आयोग और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक फैसलों का रिकॉर्ड देखना चाहिए। राठौड़ ने गहलोत सरकार के गठन का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब वह अल्पमत में थे और बसपा विधायकों के समर्थन को लेकर सवाल उठे थे। बसपा विधायकों को मंत्री पद देकर समर्थन लिया गया था। ‘बसपा के वोट खरीदे, बदले में मंत्री पद दिया’ मदन राठौड़ ने कहा- अशोक गहलोत तो अल्पमत में थे ना। मुख्यमंत्री बने कैसे? उन्होंने वोट खरीदे थे। बसपा के वोट खरीदे क्योंकि बदले में मंत्री दिया तो इसको खरीदना ही कहेंगे। लाभ का पद दिया उनको। फायदा पहुंचाया। तो उन्होंने कैसे किया? दो बार बसपा के हाथी को डकार गए पूरा। तो वो किस मुंह से बात करते हैं हमसे? राठौड़ ने यह बयान कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाए जा रहे सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों के जवाब में दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने पुराने राजनीतिक फैसलों को भी देखना चाहिए। ‘एक तरफ जीत का दावा, दूसरी तरफ चुनाव प्रक्रिया पर सवाल’ राठौड़ ने एसआईआर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा – विपक्ष एक ही चुनाव को लेकर दो तरह की बातें कर रहा है। एक तरफ कांग्रेस कई जगह चुनाव में मजबूत रहने और भाजपा से थोड़ा ही पीछे रहने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता का दुरुपयोग हुआ होता तो विपक्ष को इतने वोट नहीं मिलते। उनके अनुसार चुनाव में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है और हर राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां वह अपनी पीठ थपथपाती है और जहां हार होती है, वहां एसआईआर, ईवीएम, चुनाव आयोग और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दे उठाने लगती है। उनका कहना था कि अगर चुनाव प्रक्रिया गलत होती तो विपक्ष को जीत भी नहीं मिलती। डोटासरा की एक वोट से जीत का उदाहरण दिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की एक वोट से जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करती तो डोटासरा अपनी निकाय में एक वोट से कैसे जीतते। उन्होंने कहा कि डोटासरा लक्ष्मणगढ़ निकाय में एक वोट से जीते थे। राठौड़ के अनुसार, अगर चुनाव परिणाम को प्रभावित करना होता तो एक वोट से जीत जैसी स्थिति भी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा कुछ नहीं किया और जनता ने जहां जिसे समर्थन दिया, उसे जीत मिली। पंचायत चुनाव के लिए कई स्तर पर सर्वे राज्य में होने वाले पंचायत राज चुनाव को लेकर राठौड़ ने भाजपा की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा करना चुनाव आयोग का काम है और उनके अनुसार दो-तीन दिन में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भाजपा उम्मीदवारों के चयन के लिए कई स्तर पर सर्वे करा रही है। पार्टी दूसरे वार्ड के कार्यकर्ताओं को संबंधित वार्ड में भेजकर भी जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा शहर के कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजकर फीडबैक लिया जाएगा। राठौड़ ने कहा कि भाजपा का मूल संगठन भी अपने स्तर पर सर्वे में मदद कर रहा है। सभी रिपोर्टों को कंप्यूटर में दर्ज कर उनका निचोड़ निकाला जाएगा। इसके आधार पर जनता की अपेक्षाओं के अनुसार उम्मीदवार मैदान में उतारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे लोगों को मौका देगी जिनकी क्षेत्र में स्वीकार्यता होगी और जो जनता की उम्मीदों पर खरे उतर सकेंगे। आरक्षण के अनुसार तय होंगे उम्मीदवार चित्तौड़गढ़ में जिला प्रमुख पद के आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने कहा कि भाजपा के पास सभी वर्गों के कार्यकर्ता मौजूद हैं। जिस वर्ग के लिए जिस पद का आरक्षण होगा, उसी के अनुसार उम्मीदवार तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास योग्य उम्मीदवारों की कमी नहीं है। समय आने पर सर्वे और संगठन की राय के आधार पर नाम घोषित किए जाएंगे। शोक संवेदना जताने आक्या गांव पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गुरुवार रात श्री सांवलियाजी मंदिर में दर्शन के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कहीं। इसके बाद शुक्रवार सुबह वे आक्या गांव पहुंचे। यहां विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के पिता रामसिंह चौहान के निधन पर शोक संवेदना जताई। इसके बाद वे निंबाहेड़ा में आयोजित नव निर्वाचित पार्षदों के सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे। इस तरह उनका सांवलियाजी दौरा धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ कांग्रेस पर राजनीतिक हमले और पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर दिए गए बयानों के कारण भी चर्चा में रहा।

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