सोनभद्र के लक्ष्मी डायग्नोस्टिक सेंटर में शनिवार को एक मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक की पत्नी ने सेंटर के डॉक्टर पर गंभीर हालत के बावजूद करीब चार घंटे तक मरीज को इंतजार कराने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पति पेट दर्द से परेशान थे और लगातार कराह रहे थे। कई बार डॉक्टर से इलाज के लिए गुहार लगाने के बाद भी उन्हें समय पर अंदर नहीं लिया गया। हालत बिगड़ने पर जब उन्हें अंदर ले जाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली चौक का है। घटना के बाद डॉक्टर ने शव को सेंटर के गेट के बाहर रखने को कहा, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दोपहर 12 बजे फीस जमा करने का दावा मृतक की पत्नी बिल्ली मारकुंडी की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि पति को पेट दर्द की शिकायत थी, इसलिए वह उन्हें लेकर लक्ष्मी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचीं। उनके अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे जांच की फीस जमा कर दी थी। पत्नी का आरोप है कि पति की हालत लगातार बिगड़ रही थी। वह दर्द से कराह रहे थे। उन्होंने कई बार डॉक्टर से उन्हें देखने और अंदर ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया गया। करीब 4:30 बजे उनकी मौत हो गई। पत्नी ने कहा कि यदि डॉक्टर के पास समय नहीं था तो उन्हें किसी दूसरे अस्पताल या डॉक्टर के पास भेज देना चाहिए था। डॉक्टर बोले- नंबर से होता है अल्ट्रासाउंड लक्ष्मी डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर एसएन सिंह ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सेंटर पर नंबर के अनुसार अल्ट्रासाउंड किया जाता है। उनका कहना है कि यदि मरीज की हालत गंभीर थी तो उसे पहले अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना चाहिए था। डॉक्टर ने बताया कि मरीज किसी अस्पताल से रेफर होकर नहीं आया था, बल्कि खुद जांच कराने के लिए सेंटर पहुंचा था। एक मरीज की जांच में लगते हैं 40-45 मिनट डॉक्टर एसएन सिंह के अनुसार, वह एक दिन में करीब 30 से 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। एक मरीज की जांच में करीब 40 से 45 मिनट का समय लगता है। इस मामले में मृतक के परिजनों ने समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाया है। वहीं, डॉक्टर ने मरीज के गंभीर होने की स्थिति में पहले अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लेने की बात कही है। दोनों पक्षों के दावों के बीच घटना के वास्तविक कारण और मरीज को मिली चिकित्सकीय सहायता की स्थिति जांच का विषय है। पुलिस ने परिजनों को समझाकर भेजा घर मरीज की मौत की सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और वहां मौजूद लोगों को समझाया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले में परिजनों की ओर से किसी शिकायत या पुलिस कार्रवाई की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

