इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिफाइनरी द्वारा सीएसआर पहल के अंतर्गत मथुरा के विभिन्न स्थानों पर 270 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की है। इन सोलर स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन सांसद हेमा मालिनी द्वारा किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर मुकुल अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक एवं मथुरा रिफाइनरी प्रमुख, अनिल कुमार, मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन,अभिनव गोस्वामी, महाप्रबंधक कर्मचारी सेवाएं, विवेक शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक सीसी एवं सीएसआर तथा दीपक कुमार साह, सीएसआर उपस्थित रहे। आम लोगों को मिलेगी सुविधा और सुरक्षा इस अवसर पर हेमा मालिनी ने इंडियनऑयल मथुरा रिफाइनरी द्वारा क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी तथा आमजन को आवागमन में सुविधा एवं सुरक्षा प्राप्त होगी। साथ ही, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लक्ष्यों को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित इन स्ट्रीट लाइटों से पारंपरिक विद्युत ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस अवसर पर रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने कहा कि इंडियन ऑयल मथुरा रिफाइनरी अपने व्यावसायिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए भी निरंतर प्रतिबद्ध है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से मथुरा एवं आसपास के क्षेत्रों में समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सामुदायिक आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न जनकल्याणकारी पहल की जा रही हैं।
मुकुल अग्रवाल ने कहा कि मथुरा के विभिन्न स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना इसी सामाजिक प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को बेहतर एवं सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटें न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि इनके माध्यम से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक योगदान मिलेगा।

