सलूम्बर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयुर्वेद विभाग की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लेकर विशेष पहल की गई। आदर्श ग्राम योजना में चयनित ग्राम पंचायत पिलादर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 27 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और पल्स की जांच की गई। साथ ही रोगानुसार आयुर्वेदिक दवाइयां वितरित की गईं। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित जांच करवाने की सलाह दी गई। महिलाएं अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका जैन ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार की देखभाल में अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में जरूरी है कि वे अपनी सेहत को भी प्राथमिकता दें, क्योंकि महिला स्वस्थ रहेगी, तभी परिवार भी स्वस्थ रह सकेगा। उन्होंने महिलाओं में होने वाली सामान्य बीमारियों, उनके लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। हर्बल गार्डन में बताए औषधीय पौधों के गुण शिविर के दौरान महिलाओं को आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर स्थित हर्बल गार्डन का भ्रमण करवाया गया। यहां विभिन्न औषधीय पौधों के गुण, महत्व और उपयोग के बारे में बताया गया। महिलाओं को आयुर्वेदिक पद्धति अपनाने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। परिचारक भावेश कुमार चौबीसा ने ग्रामीण महिलाओं को गांव में साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण के महत्व की जानकारी दी। वहीं, योग प्रशिक्षक दिनेश रेबारी ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रतिदिन योगाभ्यास करने की सलाह दी। स्वास्थ्य और पोषण के प्रति किया जागरूक आयुर्वेद विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कुपोषण दूर करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। शिविर में महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने, संतुलित पोषण लेने, स्वच्छता अपनाने और योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया।

