सनातन सेना मैनपुरी ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और यूजीसी रेगुलेशंस/रूल को वापस लेने की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है। संगठन ने 22 अगस्त को डीएम को एक अनुस्मारक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पूर्व में की गई मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने बताया कि 3 अगस्त को भी डीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया था। उस ज्ञापन में जातिगत आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने सहित कई प्रमुख मांगें रखी गई थीं। सनातन सेना का कहना है कि पहले ज्ञापन के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट समाधान या कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। इसी कारण 22 अगस्त को यह अनुस्मारक ज्ञापन दोबारा सौंपा गया है। ज्ञापन में संगठन ने मुख्य रूप से जातिगत आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई है। इसके साथ ही, यूजीसी रेगुलेशंस/रूल को तत्काल वापस लेने की भी मांग की गई है। संगठन का तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। सनातन सेना ने यह भी अनुरोध किया है कि उनके ज्ञापन को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाए। उनका मानना है कि इससे मांगों पर उच्च स्तर पर विचार हो सकेगा और उनका समाधान संभव हो पाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग या समुदाय के खिलाफ खड़ा होना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे समान अवसर, योग्यता और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के हित में एक न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई से संगठन को अवगत कराएं। ज्ञापन सौंपते समय सनातन सेना के अध्यक्ष ऋतिक पांडेय और उपाध्यक्ष कोषाध्यक्ष रोहित सिंह चौहान उपस्थित रहे।

