बांका सदर अस्पताल में एक माह के दौरान करीब 125 नवजातों की मौत होने का दावा किया गया है। कटोरिया विधानसभा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राजकिशोर प्रसाद उर्फ पप्पू यादव ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक ही दिन में 13 से 15 नवजातों की मौत होने की बात भी कही।
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को समय रहते बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर क्यों नहीं किया जाता। 4 किलो वाले नवजातों की भी हो रही मौत उन्होंने कहा कि ढाई से चार किलोग्राम वजन वाले नवजातों की भी मौत हो रही है। अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था नहीं होने पर बच्चों को तुरंत रेफर किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के एसएनसीयू और इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण में कई कमियां दिखीं। उनके मुताबिक, एक बॉक्स में दो-दो नवजातों को रखा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नवजातों की माताओं को बच्चों से मिलने नहीं दिया जाता। सितंबर में 79 नवजातों की मौत
पूर्व विधायक ने सितंबर में 79 नवजातों की मौत होने का दावा किया और मृत बच्चों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि कटोरिया, अमरपुर और बाराहाट में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान परिजनों ने इलाज में लापरवाही की शिकायत की।
उन्होंने एक परिवार से इलाज के नाम पर 4 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया और धानवरण गांव के नवजात की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सक 30 दिन की ड्यूटी में महीने में केवल एक-दो बार अस्पताल पहुंचते हैं। सिविल सर्जन को ठहराया जिम्मेदार उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क करने का प्रयास करने की बात कही। हालांकि, उनसे बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से सरकार तक यह मामला पहुंचा रहे हैं। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। ऐसा नहीं होने पर वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बांका सदर अस्पताल में एक माह के दौरान करीब 125 नवजातों की मौत होने का दावा किया गया है। कटोरिया विधानसभा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राजकिशोर प्रसाद उर्फ पप्पू यादव ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक ही दिन में 13 से 15 नवजातों की मौत होने की बात भी कही।
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को समय रहते बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर क्यों नहीं किया जाता। 4 किलो वाले नवजातों की भी हो रही मौत उन्होंने कहा कि ढाई से चार किलोग्राम वजन वाले नवजातों की भी मौत हो रही है। अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था नहीं होने पर बच्चों को तुरंत रेफर किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के एसएनसीयू और इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण में कई कमियां दिखीं। उनके मुताबिक, एक बॉक्स में दो-दो नवजातों को रखा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नवजातों की माताओं को बच्चों से मिलने नहीं दिया जाता। सितंबर में 79 नवजातों की मौत
पूर्व विधायक ने सितंबर में 79 नवजातों की मौत होने का दावा किया और मृत बच्चों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि कटोरिया, अमरपुर और बाराहाट में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान परिजनों ने इलाज में लापरवाही की शिकायत की।
उन्होंने एक परिवार से इलाज के नाम पर 4 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया और धानवरण गांव के नवजात की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सक 30 दिन की ड्यूटी में महीने में केवल एक-दो बार अस्पताल पहुंचते हैं। सिविल सर्जन को ठहराया जिम्मेदार उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क करने का प्रयास करने की बात कही। हालांकि, उनसे बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से सरकार तक यह मामला पहुंचा रहे हैं। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। ऐसा नहीं होने पर वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

