दीपावली के बाद अब लोक आस्था के महापर्व छठ और सर्दियों की छुट्टियों में घर लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासी बिहारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित देश के प्रमुख महानगरों में रहने वाले किशनगंज के लोगों को घर आने के लिए कन्फर्म रेल टिकट नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि अगले एक सप्ताह तक अधिकांश नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें फुल होने से यात्रियों के सामने घर लौटने का संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। किशनगंज के रहने वाले श्याम गुप्ता, राजीव मिश्रा और अरविंद ने फोन पर बताया कि वे घर लौटने के लिए दिल्ली स्टेशन पहुंचे हैं, लेकिन ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन उनमें भी सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अब तत्काल टिकट ही आखिरी सहारा बचा है। प्रमुख ट्रेनों में 250 के पार पहुंची वेटिंग दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद से किशनगंज आने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में नो रूम या लंबी वेटिंग लिस्ट की स्थिति है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों के स्लीपर और थर्ड एसी कोच में वेटिंग लिस्ट 250 के पार पहुंच चुकी है। राजधानी एक्सप्रेस में भी आरएसी या लंबी वेटिंग मिल रही है। नियमित और स्पेशल दोनों तरह की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। तत्काल टिकट के लिए तड़के से लग रही कतार कन्फर्म टिकट की उम्मीद में यात्री तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटे पर निर्भर हैं। तत्काल टिकट की बुकिंग खुलने से कई घंटे पहले ही रेलवे आरक्षण काउंटरों पर यात्रियों की कतार लग रही है। एसी श्रेणी के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर श्रेणी के लिए 11 बजे तत्काल बुकिंग शुरू होती है। इसके लिए कई यात्री सुबह 4 बजे से ही काउंटरों पर पहुंच रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन आईआरसीटीसी ऐप और वेबसाइट पर भी भारी मांग के कारण महज एक से दो मिनट में तत्काल टिकट खत्म हो जा रहे हैं। एसएस घनश्याम कुमार ने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुविधाओं के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। पर्व-त्योहारों को देखते हुए रेलवे की ओर से कुछ स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। आरक्षण काउंटरों पर भीड़ नियंत्रित रखने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। हवाई किराये में भी राहत नहीं, पटना की उड़ानें महंगी रेलवे में टिकट की किल्लत के बीच हवाई यात्रियों को भी राहत नहीं मिल रही है। आमतौर पर छठ और दीपावली के बाद हवाई किराये में गिरावट देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों से पटना और बागडोगरा आने-जाने वाली उड़ानों का किराया सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। कई रूटों पर हवाई किराया अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को टक्कर दे रहा है। ट्रेन में टिकट नहीं मिलने और हवाई किराया महंगा होने के कारण कई लोग अपनी यात्रा टालने को मजबूर हैं। कुछ लोग त्योहार के बाद घर आने की योजना बना रहे हैं। बेटा-बहू छठ में घर आएंगे या नहीं, परिवार को चिंता दिल्ली से किशनगंज आने वाले एक व्यक्ति के पिता रमेश साह ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। छठ पर्व पर घर आने के लिए वह ट्रेन में टिकट नहीं मिलने के कारण हवाई यात्रा से पटना पहुंचने और वहां से बस के जरिए किशनगंज आने की योजना बना रहा था। लेकिन हवाई टिकट का किराया भी काफी महंगा है। ऐसे में अब यह तय नहीं हो पा रहा है कि बेटा और बहू छठ में घर आ पाएंगे या नहीं। त्योहार पर परिवार के साथ खुशियां मनाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए रेल टिकटों की किल्लत और महंगे हवाई किराये ने परेशानी बढ़ा दी है। दीपावली के बाद अब लोक आस्था के महापर्व छठ और सर्दियों की छुट्टियों में घर लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासी बिहारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित देश के प्रमुख महानगरों में रहने वाले किशनगंज के लोगों को घर आने के लिए कन्फर्म रेल टिकट नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि अगले एक सप्ताह तक अधिकांश नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें फुल होने से यात्रियों के सामने घर लौटने का संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। किशनगंज के रहने वाले श्याम गुप्ता, राजीव मिश्रा और अरविंद ने फोन पर बताया कि वे घर लौटने के लिए दिल्ली स्टेशन पहुंचे हैं, लेकिन ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन उनमें भी सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अब तत्काल टिकट ही आखिरी सहारा बचा है। प्रमुख ट्रेनों में 250 के पार पहुंची वेटिंग दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद से किशनगंज आने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में नो रूम या लंबी वेटिंग लिस्ट की स्थिति है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों के स्लीपर और थर्ड एसी कोच में वेटिंग लिस्ट 250 के पार पहुंच चुकी है। राजधानी एक्सप्रेस में भी आरएसी या लंबी वेटिंग मिल रही है। नियमित और स्पेशल दोनों तरह की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। तत्काल टिकट के लिए तड़के से लग रही कतार कन्फर्म टिकट की उम्मीद में यात्री तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटे पर निर्भर हैं। तत्काल टिकट की बुकिंग खुलने से कई घंटे पहले ही रेलवे आरक्षण काउंटरों पर यात्रियों की कतार लग रही है। एसी श्रेणी के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर श्रेणी के लिए 11 बजे तत्काल बुकिंग शुरू होती है। इसके लिए कई यात्री सुबह 4 बजे से ही काउंटरों पर पहुंच रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन आईआरसीटीसी ऐप और वेबसाइट पर भी भारी मांग के कारण महज एक से दो मिनट में तत्काल टिकट खत्म हो जा रहे हैं। एसएस घनश्याम कुमार ने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुविधाओं के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। पर्व-त्योहारों को देखते हुए रेलवे की ओर से कुछ स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। आरक्षण काउंटरों पर भीड़ नियंत्रित रखने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। हवाई किराये में भी राहत नहीं, पटना की उड़ानें महंगी रेलवे में टिकट की किल्लत के बीच हवाई यात्रियों को भी राहत नहीं मिल रही है। आमतौर पर छठ और दीपावली के बाद हवाई किराये में गिरावट देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों से पटना और बागडोगरा आने-जाने वाली उड़ानों का किराया सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। कई रूटों पर हवाई किराया अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को टक्कर दे रहा है। ट्रेन में टिकट नहीं मिलने और हवाई किराया महंगा होने के कारण कई लोग अपनी यात्रा टालने को मजबूर हैं। कुछ लोग त्योहार के बाद घर आने की योजना बना रहे हैं। बेटा-बहू छठ में घर आएंगे या नहीं, परिवार को चिंता दिल्ली से किशनगंज आने वाले एक व्यक्ति के पिता रमेश साह ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। छठ पर्व पर घर आने के लिए वह ट्रेन में टिकट नहीं मिलने के कारण हवाई यात्रा से पटना पहुंचने और वहां से बस के जरिए किशनगंज आने की योजना बना रहा था। लेकिन हवाई टिकट का किराया भी काफी महंगा है। ऐसे में अब यह तय नहीं हो पा रहा है कि बेटा और बहू छठ में घर आ पाएंगे या नहीं। त्योहार पर परिवार के साथ खुशियां मनाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए रेल टिकटों की किल्लत और महंगे हवाई किराये ने परेशानी बढ़ा दी है।

