श्रावस्ती में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। इसके बाद बारिश होने लगी। बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। दो सप्ताह पहले भी बिगड़ा था मौसम 24 सितंबर को तेज आंधी और बारिश हुई थी। जिले के कई हिस्सों में खेतों में पानी भर गया था। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में फसलों को भी नुकसान पहुंचा था। करीब दो सप्ताह बाद फिर मौसम खराब होने से किसान परेशान हैं। कटाई से पहले खड़ी है धान की फसल जिले में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। इस समय ज्यादातर खेतों में धान की फसल खड़ी है। कई खेतों में दाने पड़ चुके हैं और जल्द कटाई शुरू होनी है। देर से तैयार होने वाली किस्में अभी पकने की प्रक्रिया में हैं। तेज हवा से फसल गिरने का डर किसानों का कहना है कि तेज हवा से धान की फसल खेत में गिर गई तो उसे संभालना मुश्किल होगा। लगातार बारिश से खेतों में दोबारा पानी भर सकता है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। दो सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद भी कई किसान खेतों से पानी सूखने का इंतजार कर रहे थे। खेतों की निगरानी में जुटे किसान बारिश शुरू होते ही किसान खेतों की निगरानी में जुट गए। फिलहाल बारिश थम गई है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में फिर बारिश की संभावना है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

