जिला मुख्यालय स्थित उत्कर्ष विद्यालय और शासकीय रघुराज विद्यालय क्रमांक-2 के 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। वे जर्जर भवन में पढ़ाई करने और बारिश के कारण पानी भरने से परेशान थे। छात्रों का आरोप है कि नई बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद उन्हें पुराने भवन में पढ़ने को मजबूर किया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि बारिश होते ही पुराने और जर्जर भवन की छत से पानी टपकने लगता है। कई बार क्लासरूम में भी पानी भर जाता है, जिससे पढ़ाई बाधित होती है और किताबें-कॉपियां खराब होने का खतरा रहता है। उनका कहना था कि जब नई बिल्डिंग बन चुकी है, तो उन्हें असुरक्षित भवन में क्यों पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थियों के अनुसार, नई बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक उसका हैंडओवर नहीं हुआ है। इसी कारण पुरानी बिल्डिंग में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अपनी समस्या को सीधे कलेक्टर तक पहुंचाने की मांग पर अड़े छात्र स्कूल से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। एक दिन पहले भी छात्र पहुंचे थे यह लगातार दूसरा दिन है जब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। इससे एक दिन पहले माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर की छात्राएं भी लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। इन घटनाओं ने जिले के शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना बताए चले गए बच्चे उत्कर्ष विद्यालय और रघुराज विद्यालय क्रमांक-2 के प्रभारी प्राचार्य मनोज श्रीवास्तव ने इस संबंध में बताया कि सीमित कक्ष होने के कारण बारिश में क्लासरूम में पानी भर गया था। उन्होंने कहा कि सफाई और व्यवस्था बनाने का काम चल रहा था, तभी बच्चे बिना बताए कलेक्ट्रेट चले गए। स्कूल की तस्वीरें…

