किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मंगलवार को 12 बजे शामली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने में थानाभवन शुगर मिल से गन्ने का बकाया भुगतान कराने, बिजली बिलों में कथित गड़बड़ी की जांच और पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग उठाई गई। भाकियू पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा। भाकियू जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने कहा कि किसानों को लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। थानाभवन शुगर मिल से गन्ने का बकाया भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। समय पर भुगतान नहीं मिलने से खेती की लागत, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से किसानों का बकाया भुगतान जल्द दिलाने की मांग की। बिजली बिलों में गड़बड़ी की जांच की मांग धरने में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली का मुद्दा भी उठाया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों के बिजली बिलों में बिना उचित जानकारी और नोटिस के बढ़ोतरी की जा रही है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने बिजली बिलों की जांच कराने, गलत बिलों को ठीक करने और किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की। पात्र किसानों को मिले फसल बीमा का लाभ किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से उबारने के लिए पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलना जरूरी है। भाकियू ने संबंधित विभाग से पात्र किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें नियमानुसार बीमा लाभ दिलाने की मांग की। धरने में शामिल किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक गन्ना भुगतान, बिजली बिलों में गड़बड़ी और फसल बीमा से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने में शामिल किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक गन्ना भुगतान, बिजली बिलों में गड़बड़ी और फसल बीमा से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

