‘लड़ते-लड़ते शहीद हो गई विमला, मैं भी शहीद हो जाऊंगा’:रीवा में पत्नी की मौत के बाद पति बोला, उमंग सिंघार बोले- आदिवासियों की आवाज कुचल रही सरकार

‘लड़ते-लड़ते शहीद हो गई विमला, मैं भी शहीद हो जाऊंगा’:रीवा में पत्नी की मौत के बाद पति बोला, उमंग सिंघार बोले- आदिवासियों की आवाज कुचल रही सरकार

रीवा के रोझौही में प्रस्तावित परमाणु बिजली परियोजना के विरोध में जल सत्याग्रह कर रही विमला कोल की मौत के बाद उनके पति जमुना कोल ने कहा कि उनकी पत्नी लड़ते-लड़ते शहीद हो गई। अब वह भी इस लड़ाई में शहीद हो जाएगा। शुक्रवार को इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को ग्रामीणों की चिंताओं और उनकी आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए। उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा उमंग सिंघार ने विमला कोल की मौत के मामले में सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीन और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनकी मांगों और विरोध को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। सरई कला और रोझौही में प्रस्तावित है परियोजना सरई कला और रोझौही क्षेत्र में टाटा पावर की प्रस्तावित परमाणु बिजली परियोजना का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि इससे उनकी जमीन, जलस्रोत, खेती और पर्यावरण पर असर पड़ेगा। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम सभाओं में भी परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए गए हैं। 9 अक्टूबर को परियोजना स्थल पर बोरिंग का काम शुरू करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने रोक दिया था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। विमला का पति बोला- वह शहीद हो गई मैं भी हो जाऊंगा विमला कोल की मौत के बाद ग्रामीणों का कहना है कि उनसे मिलने अब तक कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा है। इससे उनमें नाराजगी है। ग्रामीण परियोजना को रोकने की मांग कर रहे हैं। विमला के पति जमुना कोल ने कहा, “मेरी पत्नी तो लड़ते-लड़ते शहीद हो गई और अब मैं भी शहीद हो जाऊंगा। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी और मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” वहीं, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि परियोजना के लिए अभी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। फिलहाल केवल परीक्षण के लिए काम किया जा रहा था। जांच के लिए पहुंची टीम का ग्रामीणों ने किया था विरोध ग्रामीणों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को बोरिंग के लिए पहुंची टीम को उन्होंने रोक दिया था। इसके बाद कंपनी, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों का कहना है कि विमला की मौत के बाद भी कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। कलेक्टर बोले- अभी जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के मुताबिक, परियोजना के लिए अभी जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ है। फिलहाल केवल परीक्षण का काम चल रहा था। वहीं, ग्रामीण परियोजना को लेकर अपनी आपत्तियां जता रहे हैं। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जल सत्याग्रह- आदिवासी महिला की तबीयत बिगड़ी, मौत रीवा में न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में जल सत्याग्रह कर रही आदिवासी महिला की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनगवां ले जाया गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी खबर पढें…

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