लखनऊ में विश्व बंधुत्व दिवस पर शुक्रवार को बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज, यूनिवर्सिटी रोड में राष्ट्र सेविका समिति की ओर से युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय प्रमुख कार्यवाहिका अन्नदानम् सीता गायत्री रहीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन से युवाओं को आत्मविश्वास, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने शिकागो धर्म सम्मेलन में विवेकानंद के ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख करते हुए भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति से युवाओं को परिचित कराया। उन्होंने विवेकानंद के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी साझा किए। युवाओं ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहज और सारगर्भित जवाब दिया। ज्ञान से राष्ट्र निर्माण तक बढ़ने का संदेश कार्यक्रम की कॉर्डिनेटर डॉ. अनु शर्मा ने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। इन्हें जीवन में अपनाकर युवा ज्ञान, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। युवा संवाद में युवाओं को ज्ञान से नवाचार, नवाचार से राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से विश्व कल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी से कार्यक्रम खास रहा। कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश की क्षेत्र प्रचारिका शशि, लखनऊ विश्वविद्यालय की डीन फैकल्टी ऑफ साइंस शीला मिश्रा, नवयुग गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. मंजुला उपाध्याय और अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख डॉ. ऋतु शर्मा शामिल हुईं ।

