राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में लगा विद्यार्थी सहयोग शिविर:छात्रों की अकेडमिक, हॉस्टल और बेसिक फैसिलिटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान

राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में लगा विद्यार्थी सहयोग शिविर:छात्रों की अकेडमिक, हॉस्टल और बेसिक फैसिलिटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान

बिहार सरकार की पहल पर राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया गया। यह शिविर हर महीने के आखिरी मंगलवार को छात्रों की समस्याओं, शिकायतों और जरूरतों को हल करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य मकसद विद्यार्थियों की परेशानियों को सीधे सुनना और समय पर उनका समाधान करना है। इस कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने अधिकारियों और छात्रों का स्वागत किया। शिविर के नोडल अधिकारी प्रो. मिथुन कुमार ने इसके संचालन और व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। समस्या-समाधान की प्रक्रिया के बारे में बताया छात्रों को शिविर के मकसद और काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया गया। उनसे कहा गया कि वे अपनी पढ़ाई, छात्रावास, मूलभूत सुविधाओं और दूसरी समस्याओं को शिविर में बताएं। प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि संस्थान में पढ़ाई और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं को सबसे पहले हल किया जाता है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे छात्रावास, मेस, पीने के पानी और अन्य सुविधाओं, क्लास की हफ्ते भर की प्रगति, पढ़ाई समझने में दिक्कत, लैब के काम या किसी भी शिकायत को सही तरीके से संस्थान के सामने रखें, ताकि उनका समय पर समाधान हो सके। नोडल अधिकारी प्रो. मिथुन कुमार ने छात्रों को शिविर में मिलने वाली सुविधाओं और समस्या-समाधान की प्रक्रिया के बारे में बताया। समाधान का मंच देने के लिए प्रतिबद्ध उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर साझा करें। विद्यार्थी सहयोग शिविर छात्रों और प्रशासन के बीच सीधी बातचीत का एक अच्छा मंच है। यह पहल समस्याओं को सुनने, उनके समाधान में तेजी लाने और संस्थान में छात्र-केंद्रित पढ़ाई का माहौल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया छात्रों के हित और भलाई को प्राथमिकता देता है और ऐसी पहलों से बेहतर पढ़ाई का माहौल, जरूरी सुविधाएं और समस्याओं के समाधान का मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार सरकार की पहल पर राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया गया। यह शिविर हर महीने के आखिरी मंगलवार को छात्रों की समस्याओं, शिकायतों और जरूरतों को हल करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य मकसद विद्यार्थियों की परेशानियों को सीधे सुनना और समय पर उनका समाधान करना है। इस कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने अधिकारियों और छात्रों का स्वागत किया। शिविर के नोडल अधिकारी प्रो. मिथुन कुमार ने इसके संचालन और व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। समस्या-समाधान की प्रक्रिया के बारे में बताया छात्रों को शिविर के मकसद और काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया गया। उनसे कहा गया कि वे अपनी पढ़ाई, छात्रावास, मूलभूत सुविधाओं और दूसरी समस्याओं को शिविर में बताएं। प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि संस्थान में पढ़ाई और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं को सबसे पहले हल किया जाता है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे छात्रावास, मेस, पीने के पानी और अन्य सुविधाओं, क्लास की हफ्ते भर की प्रगति, पढ़ाई समझने में दिक्कत, लैब के काम या किसी भी शिकायत को सही तरीके से संस्थान के सामने रखें, ताकि उनका समय पर समाधान हो सके। नोडल अधिकारी प्रो. मिथुन कुमार ने छात्रों को शिविर में मिलने वाली सुविधाओं और समस्या-समाधान की प्रक्रिया के बारे में बताया। समाधान का मंच देने के लिए प्रतिबद्ध उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर साझा करें। विद्यार्थी सहयोग शिविर छात्रों और प्रशासन के बीच सीधी बातचीत का एक अच्छा मंच है। यह पहल समस्याओं को सुनने, उनके समाधान में तेजी लाने और संस्थान में छात्र-केंद्रित पढ़ाई का माहौल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया छात्रों के हित और भलाई को प्राथमिकता देता है और ऐसी पहलों से बेहतर पढ़ाई का माहौल, जरूरी सुविधाएं और समस्याओं के समाधान का मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है।  

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