औरंगाबाद- विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों ने रखीं समस्याएं:हर चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर; शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1100, ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा

औरंगाबाद- विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों ने रखीं समस्याएं:हर चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर; शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1100, ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा

विद्यार्थियों की शैक्षणिक, छात्रावास एवं संस्थागत समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए जिला प्रशासन की पहल पर मंगलवार को औरंगाबाद शहर के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याएं सीधे सुनना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनसे सुझाव प्राप्त करना रहा। यह पहल सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य के अनुरूप की जा रही है। हर माह चतुर्थ मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर जिला प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, छात्रावास और संस्थागत समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और शिविर के माध्यम से समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होने, शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की अनुपस्थिति, परीक्षा के समय पर आयोजन, परीक्षाफल के समय पर प्रकाशन, अनधिकृत फीस की वसूली जैसी समस्याएं दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके अलावा कक्षा में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। कोचिंग से संबंधित समस्याओं, संस्थान में विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों, व्यक्तिगत समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित सुझाव भी विद्यार्थी इस माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। समस्याओं के समाधान के लिए 30 दिन की समय-सीमा कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महाविद्यालय के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। महाविद्यालय की ओर से अतिथियों को पौधा और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, समझने और उनके सुझाव प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार की मंशा है कि विद्यार्थियों को अपनी बात सीधे प्रशासन के समक्ष रखने के लिए सरल और सशक्त व्यवस्था मिले। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह चतुर्थ मंगलवार को प्रशासनिक पदाधिकारी विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझ रहे हैं। विद्यार्थी केवल शिकायत ही नहीं, बल्कि पाठ्यक्रम, परीक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रावास और कॉलेज की व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दे सकते हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 तथा sahyogshivir.bihar.gov.in पोर्टल उपलब्ध है। प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि समस्याओं का यथासंभव शीघ्र समाधान किया जाए। व्यक्तिगत समस्याएं भी साझा कर सकेंगे विद्यार्थी जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी अपनी व्यक्तिगत समस्याएं भी विद्यार्थी सहयोग के माध्यम से साझा कर सकते हैं। यदि कोई मामला पुलिस या विधि-व्यवस्था से संबंधित है तो संबंधित स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि वे बिना किसी संकोच के अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद के माध्यम से भी अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने की अपील की। कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की अलग-अलग आवश्यकताएं हो सकती हैं, इसलिए उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से समझना जरूरी है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और विद्यार्थी देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के छोटे-छोटे सुझाव भी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकते हैं। विद्यार्थी सहयोग शिविर सिर्फ शिकायतों के समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का मंच भी है। मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यार्थियों की शैक्षणिक, छात्रावास एवं संस्थागत समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए जिला प्रशासन की पहल पर मंगलवार को औरंगाबाद शहर के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याएं सीधे सुनना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनसे सुझाव प्राप्त करना रहा। यह पहल सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य के अनुरूप की जा रही है। हर माह चतुर्थ मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर जिला प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, छात्रावास और संस्थागत समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और शिविर के माध्यम से समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होने, शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की अनुपस्थिति, परीक्षा के समय पर आयोजन, परीक्षाफल के समय पर प्रकाशन, अनधिकृत फीस की वसूली जैसी समस्याएं दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके अलावा कक्षा में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। कोचिंग से संबंधित समस्याओं, संस्थान में विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों, व्यक्तिगत समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित सुझाव भी विद्यार्थी इस माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। समस्याओं के समाधान के लिए 30 दिन की समय-सीमा कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महाविद्यालय के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। महाविद्यालय की ओर से अतिथियों को पौधा और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, समझने और उनके सुझाव प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार की मंशा है कि विद्यार्थियों को अपनी बात सीधे प्रशासन के समक्ष रखने के लिए सरल और सशक्त व्यवस्था मिले। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह चतुर्थ मंगलवार को प्रशासनिक पदाधिकारी विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझ रहे हैं। विद्यार्थी केवल शिकायत ही नहीं, बल्कि पाठ्यक्रम, परीक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रावास और कॉलेज की व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दे सकते हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 तथा sahyogshivir.bihar.gov.in पोर्टल उपलब्ध है। प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि समस्याओं का यथासंभव शीघ्र समाधान किया जाए। व्यक्तिगत समस्याएं भी साझा कर सकेंगे विद्यार्थी जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी अपनी व्यक्तिगत समस्याएं भी विद्यार्थी सहयोग के माध्यम से साझा कर सकते हैं। यदि कोई मामला पुलिस या विधि-व्यवस्था से संबंधित है तो संबंधित स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि वे बिना किसी संकोच के अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद के माध्यम से भी अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने की अपील की। कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की अलग-अलग आवश्यकताएं हो सकती हैं, इसलिए उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से समझना जरूरी है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और विद्यार्थी देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के छोटे-छोटे सुझाव भी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकते हैं। विद्यार्थी सहयोग शिविर सिर्फ शिकायतों के समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का मंच भी है। मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।  

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