जमुई हैरेसमेंट केस पर भड़कीं आयशा खान, बोलीं- ‘हैरसमेंट को कल्चर के पीछे छिपाना बंद करें’

जमुई हैरेसमेंट केस पर भड़कीं आयशा खान, बोलीं- ‘हैरसमेंट को कल्चर के पीछे छिपाना बंद करें’

Bihar Harassment Case: बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा और उसके नाबालिग दोस्त के साथ हैरेसमेंट का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक्ट्रेस आयशा खान ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने वायरल हुए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “बहुत बुरा और बहुत घिनौना” बताया और पीड़ितों को दोष देने वाली सोच पर सवाल उठाए।

Ayesha Khan Jamui case
इंस्टास्टोरी

‘हैरसमेंट को कल्चर के पीछे छिपाना बंद करें’

आयशा खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर घटना को लेकर लिखा कि वीडियो देखकर उन्हें बेहद बुरा लगा। उन्होंने उस स्थिति की कल्पना करने को कहा, जिसमें कोई व्यक्ति डरा हुआ और घिरा हुआ हो, जबकि आसपास मौजूद लोग उसकी मदद करने के बजाय उसे देखते और रिकॉर्ड करते रहें।


Ayesha Khan Jamui Case
पोस्ट

एक्ट्रेस ने ऐसी घटनाओं को नैतिकता या संस्कृति से जोड़ने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “इसे नैतिकता कहना बंद करें। हैरेसमेंट को ‘कल्चर’ के पीछे छिपाना बंद करें। यह बहुत बुरा और बहुत घिनौना है।”

‘किसी महिला को हैरेस करने का हक किसने दिया?’

आयशा ने अपनी एक अन्य इंस्टाग्राम स्टोरी में ‘मोरल पुलिसिंग’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर किसी व्यक्ति को किसी महिला को परेशान करने का अधिकार कौन देता है। एक्ट्रेस ने उन लोगों पर भी सवाल उठाया, जो घटना के दौरान मौजूद थे लेकिन मदद करने के बजाय वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।

उन्होंने विक्टिम-ब्लेमिंग के खिलाफ भी बात की। आयशा ने कहा कि अक्सर महिलाओं को कपड़े बदलने, कुछ जगहों पर जाने से बचने या खास समय पर बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है, जबकि सवाल उन लोगों से होना चाहिए जो महिलाओं को परेशान करते हैं।

19 सितंबर को हुआ था मामला

पुलिस के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम जमुई में हुई। 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्र—एक लड़का और एक लड़की—कोचिंग से लौटने के दौरान एक समूह ने कथित तौर पर रोक लिया था। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और जांच के लिए एसआईटी बनाई।

21 सितंबर तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान किए जाने की बात कही थी। मामले में नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की गई।

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