इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने 36 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 11 साल के करियर में उन्होंने 146 मैचों में 253 विकेट लिए। इस दौरान वे इंग्लैंड की 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने चार एशेज सीरीज भी खेली। वुड का इंटरनेशनल करियर उपलब्धियों के साथ-साथ चोटों से जूझने के लिए भी जाना जाएगा। घुटने की चोट के बाद उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में दर्द के बावजूद गेंदबाजी की थी। इसके बाद सर्जरी हुई। करीब 8 महीने बाद पिछले साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ एशेज टेस्ट से वापसी की, लेकिन उस मैच के दौरान घुटने में फिर परेशानी हो गई। उसके बाद वह दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके। वुड ने कहा कि मेडिकल सलाह के बाद अब उनके लिए टेस्ट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है। 2019 वर्ल्ड कप में 18 विकेट वुड के करियर का सबसे बड़ा दौर 2019 रहा। इंग्लैंड में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 18 विकेट लिए। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने दर्द और साइड स्ट्रेन के बावजूद गेंदबाजी की। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का फाइनल टाई होने के बाद सुपर ओवर तक गया था। वुड ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी बल्लेबाजों पर अपनी रफ्तार से दबाव बनाया और फाइनल में रॉस टेलर का विकेट भी लिया। इसी टीम ने सुपर ओवर में न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता। 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में 4 मैच, 9 विकेट 2019 की सफलता के तीन साल बाद वुड इंग्लैंड की दूसरी वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बने। ऑस्ट्रेलिया में हुए 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने 4 मैचों में 9 विकेट लिए। इंग्लैंड ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता। एशेज में 2015 से 2023 तक यादगार पल 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद चोट ने करियर बदल दिया वुड की सबसे बड़ी समस्या उनकी रफ्तार नहीं, बल्कि उस रफ्तार को लगातार बनाए रखने वाला शरीर रहा। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उनके घुटने में चोट लगी। इसके बावजूद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में दर्द सहकर गेंदबाजी की। बाद में उन्हें घुटने की सर्जरी करानी पड़ी। इंग्लैंड की मेडिकल टीम ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में 2025-26 एशेज से पहले काफी सावधानी से तैयार किया। वह पर्थ में पहले टेस्ट में लौटे, लेकिन बाद में खुद माना कि वह उस मैच के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। उन्होंने 11 ओवर गेंदबाजी की और कोई विकेट नहीं लिया। इसके दौरान घुटने की समस्या फिर उभर आई। वह मैच उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला बन गया। 2023 में इंग्लैंड ने दिया था खास 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट वुड की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2023 के आखिर में इंग्लैंड ने उन्हें तीन साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया था। यह उस समय का विशेष फैसला था, क्योंकि इंग्लैंड उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट की तरफ जाने से रोककर अपनी टीम के लिए उपलब्ध रखना चाहता था। हालांकि इस कॉन्ट्रैक्ट के दौरान चोटों ने उनका खेलना सीमित कर दिया। उन्होंने इस समय में सिर्फ 7 टेस्ट खेले और 15 विकेट लिए। ECB के 2025-26 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में वुड का एक साल का करार 30 सितंबर 2026 तक था। कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से पहले लिया फैसला वुड ने बताया कि उनका मौजूदा इंग्लैंड कॉन्ट्रैक्ट सितंबर में खत्म हो रहा है और उन्हें पता चल चुका था कि इसे आगे बढ़ाया नहीं जाएगा। इसी के बाद उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना उन्होंने कभी छोड़ना नहीं चाहा, लेकिन अब टीम में आने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका देने का समय है। लगातार चोटों ने भी उन्हें यह महसूस करा दिया कि इंग्लैंड के स्तर पर वापस लौटने की लड़ाई उनके लिए बहुत मुश्किल हो चुकी है। इंग्लैंड से पूरी तरह दूर नहीं होंगे इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का मतलब वुड का क्रिकेट से पूरी तरह हटना नहीं है। वह डरहम के लिए टी-20 ब्लास्ट खेलना जारी रखना चाहते हैं। इसके अलावा फ्रेंचाइजी लीग में भी खेलने की योजना है। साथ ही उन्होंने मीडिया में काम करना शुरू कर दिया है और लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन भी किया है।
इंग्लैंड के मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया:2 वर्ल्ड कप जीते, 146 मैच में 253 विकेट लिए

